सत्येन्द्र खरे
यूपी के कौशाम्बी जिले में पंडित दीन दयाल आश्रम पद्धति विद्यालय में पढ़ रहे छात्र की शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। जानकारी होने पर पीड़ित परिवार ने विद्यालय प्रशासन और समाज कल्याण अधिकारी पर मामले को दबाने की कोशिस का गंभीर आरोप लगाया है | आरोपों के बीच जाँच करने पहुचे बड़े प्रशासनिक अधिकारी छात्र की मौत की निष्पक्ष जाँच का भरोषा पीड़ित परिवार को देने की जगह मीडिया के सामने गैर जिम्मेदाराना बयान ही देते दिखे |
कोतवाली सैनी के कड़ा गांव के रहने वाले जुग्गन का 13 साल का बेटा एहतेशाम कसिया के आश्रम पद्धति विद्यालय में कक्षा सात में पढ़ता था। शुक्रवार को उसकी मौत कालेज के हास्टल में रहस्यमय तरीके से हो गई | जिसके बाद कालेज के हास्टल में सनसनी फैल गई। छात्र एहतेशाम की मौत के बाद से कालेज के प्रिसिपल और वार्डेन फरार बताये जा रहे है | एहतेशाम के साथी छात्र ने परिवार वालों और पुलिस को सूचना दी | जिसके बाद पहुचे घर के लोगो ने कालेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया | मौके पर पहुची कोखराज पुलिस ने पीड़ित परिवार को हर संभव निष्पक्ष कार्यवाही का भरोसा देकर शांत कराया | पिता जुग्गन का आरोप है कि उनकी और उनके बेटे की 2 बजे फोन पर बात हुयी थी वह बेहद खुश था, लेकिन अचानक शाम 6 बजे कालेज से सूचना आई कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है | अधिकारी कह रहे है उसने खुदकुशी की है , लेकिन जब वह यहाँ पहुचे तो उनके बेटे को लोग कालेज के ग्राउंड में लिटाये हुए थे , हो-न-हो उनके बेटे की हत्या की गई है जिसे खुदकुशी का रूप दिया जा रहा है |
जुग्गन, मृतक छात्र के पिता ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में छात्र की रहस्यमय मौत से कालेज प्रशासन के ऊपर कई सवाल पीड़ित परिवार ने लगाये है | आरोपों के बीच पूरे मामले की जाँच करने पहुची समाज कल्याण अधिकारी मधु सोनकर मीडिया के सवालों पर गोल-मोल जवाब देकर अपनी जिम्मेवारी से बचती रही | वही दूसरी तरफ जाँच करने पहुचे प्रभारी डीएम हीरा लाल भी पीड़ित परिवार के आरोपों पर निष्पक्ष जाँच और कार्यवाही के स्थान पर कालेज प्रशासन और समाज कल्याण अधिकारी का बचाव करते ही दिखाई पड़े |


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ