ए.आर.उस्मानी / केके पाठक
बिछिया, बहराइच। बहराइच मुख्यालय से दूर 110 किलोमीटर जंगलों से घिरे 25 गांव के 250 से अधिक बच्चों ने बाल अधिकार यात्रा रैली निकाली जिसे देहात संस्था के मुख्य कार्यकारी डॉक्टर जितेंद्र चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यकर्ता कृष्ण कुमार पाठक के नेतृत्व में बच्चों ने बाल अधिकार जागरूकता रैली फकीरपुरी, बर्दिया, रमपुरवा, विशुनापुर बिछिया होते हुए सुजौली थाने तक निकाली जिसमें बच्चों के चारों अधिकारों जीवन, सुरक्षा, विकास और भागीदारी तथा बच्चियों की शिक्षा पर विशेष बल दिया जिसमें अभिभावकों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जहां इस क्षेत्र के लोग पिछड़ेपन के कारण अनजान हैं। इन अभावों के बीच बाल अधिकार यात्रा के माध्यम से लोगों में बच्चो के अधिकार,भेद भावो को दूर करने की अलख देहात बाल अधिकार मंच जगा रहा हैंlइसके बाद में बच्चों ने थाने का भ्रमण किया जिसमें थाना अध्यक्ष अफसर परवेज पर बच्चों को FIR के बारे में बताया फकीरपुरी की गायत्री 10 साल कक्षा 5 ने पूछा कि अगर पापा शराब पीकर घर आए और मम्मी को मारे तो हमें क्या करना चाहिए जिस पर कांस्टेबल विजय नाथ मौर्या ने बताया कि पहले समझाने की कोशिश करेंगे फिर ना मानने पर पुलिस की मदद लेंगे ऐसे ही बच्चों ने विभिन्न धाराओं आपातकालीन नंबरों एवं पुलिस रैंक की पहचान के बारे में कैसे की जाय बताया एवं बच्ची की सवाल पर कांस्टेबल बंदना सिंह ने पुलिस कैसे बनेंगे के बारे में बताया l
अंजली(12) के सवाल पर कि फिल्मो में पुलिस घूस लेती है क्या ऐसा यहाँ भी होता है जिस पर मुस्कुराते हुए थानाध्यक्ष अफसर परवेज ने बताया कि ये फिल्मों की बात है वास्तव में पूरा पुलिस प्रशासन आप सभी के सहयोग के लिए ही हैlपुलिस द्वारा संचालित 100न० एवं 1098 चाइल्ड लाइन सेवा विशेष कर बच्चो के लिए ही हैl फिर बच्चो ने कारागार का भ्रमण कियाl इसके बाद संस्था के सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार पाठक ने पुलिस और बच्चों की मित्रता की शपथ दिलाई जिसमे बच्चो ने शपथ ली कि हम किसी भी कानून विरोधी गतिबिधियों के होने पर पुलिस को अवगत कराएँगे और पुलिस ने वादा किया कि हम उचित कार्यवाही करने के साथ जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखेंगे तथा एक दूसरे का सहयोग करने को कहांl कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के कार्यकर्ता गीता प्रसाद, विजय यादव ,हरिश्चंद्र यादव ,मोहम्मद रजा,राजीव,गोविंद अवस्थी,रमेश कृष्णा और दिनेश आदि का विशेष सहयोग रहा।
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