अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर । योगीराज में अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं रह गई है । आज बलरामपुर के थाना गौरा पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश से बचने के लिए भाग कर जान बचाना पड़ा । ताजा मामला जनपद बलरामपुर के थाना गौरा चौराहा के ग्राम नौबस्ता का है जहां पर 3 दिन पूर्व 25 फरवरी की शाम धनीराम यादव नाम का एक युवक गायब हो गया था । 26 फरवरी को युवक की मोटरसाइकिल जिस पर खून भी लगा हुआ था नौबस्ता गांव के बाहर पाई गई परंतु युवक का कहीं पता नहीं चल सका । परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर युवक की खोजबीन शुरू की थी । तहरीर में कहा गया था कि धनीराम घर से ससुराल के लिए निकला था और ससुरालीजनों द्वारा ही उसे गायब किया गया है ।
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आज दिन में धनीराम की लाश नौबस्ता गांव से कुछ दूरी पर राप्ती नदी के पास देखी गई । इससे पहले कि पुलिस लाश के बारे में किसी को बताती गांव के किसी व्यक्ति द्वारा यह खबर दी गई कि पुलिस लाश गायब करना चाह रही है । इतना सुनते ही गांव वाले आक्रोशित हो गए और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया । लाठी-डंडों से लैस सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पुलिस वालों पर टूट पड़े पुलिस वालों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई । इतना ही नहीं पुलिस की गाड़ी में जो पुलिस वाले नहीं बैठ पाए उनकी ग्रामीणों ने जमकर धुनाई की । इस हमले में एक महिला दरोगा तथा 2 सिपाही बुरी तरह जख्मी हो गए जिन्हें इलाज हेतु चिकित्सालय लाया गया । सूचना पाते ही पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार व अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए और पूरे मामले को काबू किया । पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया के कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात कर दी गई है पूरी स्थिति नियंत्रण में है और पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है । जिसने भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी । उन्होंने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है । पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुकदमा लिखने के बाद से ही पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है ।


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