सुनील उपाध्याय
बस्ती:उत्तर प्रदेश के बीडीसी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अभय देव शुक्ला ने सोशल मिडिया के माध्यम से बी डी सी संघ के प्रदेश महासचिव सुनील सिंह पर. लगे झूठे आरोप को निराधार बताते हुए दुबौलिया मे हुए साधन सहकारी के चुनाव को अबैध बता रहे है जानकारी के अनुसार पूरा प्रकरण में या तो सुनील सिंह दोषी हैं या वह चुनाव ही अवैध है जब 12:00 बजे तक ही चुनाव में नामांकन किया जा सकता था तो बिना बिना एडीओ पंचायत के चुनाव संपन्न कैसे हो गया FIR में एडीओ पंचायत में यह दर्शाया है कि मुझे वह लोग 12:00 बजे तक घुमाते रहे हैं और 12:00 बजे के बाद छावनी पर छोड़ा है उसके बाद मैं वहां से भाड़े वाले टेंपो से साधन सहकारी समिति दुबौलिया आया हूं उसके बाद वह चुनाव संपन्न कराया गया वहां से आने में कम से कम एक घंटा लगता है
अगर मान लेते हैं कि सुनील सिंह ने अपहरण किया भी तो टाइम खत्म हो जाने के बाद वह चुनाव वैद्य कैसे हो गया और वहां अध्यक्ष कैसे हो गए इस तरह तो वह चुनाव भी अवैध घोषित हो सकता है
या तो सुनील सिंह ने अपहरण किया या वह चुनाव अवैध है
तो जाहिर सी बात है सुनील सिंह ने अपहरण नहीं किया इस दशा में लगता है कि सुनील सिंह की लोकप्रियता को देखते हुए वहां के स्थानीय और प्रशासन के लोग सुनील सिंह की लोकप्रियता से जलते हैं और वह उन्हें साजिसन फंसाने का प्रयास कर रहे हैं
इसलिए सुनील सिंह जो नौजवानों के साथ संघर्षों के साथ हिंदुत्व के साथ सदा समर्पित रहने वाले व्यक्ति हैं
वो अकारण परेशान किए जा रहे हो उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा हो उनके समर्थन में खड़े होकर प्रशासन पर दबाव बनाकर सुनील सिंह को न्याय दिलाने की जरूरत है और किसी भी दल के कार्यकर्ता का हौसला बढ़ाने की जरूरत है नहीं तो भविष्य में कोई भी कार्यकर्ता किसी भी दल के लिए सत्य निष्ठा से खड़ा नहीं होगा और उस की मंशा हमेशा सशंकित बनी रहेगी लोगदल या नेता अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करते हैं अपना मतलब निकल जाने पर उनको दूध की मक्खी की तरह निकाल कर फेंक देते हैं कार्यकर्ता अपने दल के नेता अपने दल के लिए जान की बाजी लगा देता है लोगों से दुश्मनी लेता है और जब विपत्ति का समय आता है तो वही नेता जिसको वह तन मन धन से लड़ाई झगड़े करके शीर्ष की कुर्सी पर बैठता है साथ छोड़ कर चला जाता है उसकी कोई मदद नहीं करता जब सुनील सिंह के साथ ऐसा हो सकता है कि इतनी बड़ी पार्टी के प्रति पूर्ण समर्पण रखने वाले व्यक्ति की आवाज आज जनपद का एक भी बड़ा नेता नहीं उठा रहा
तो आम कार्यकर्ताओं की बात तो हमेशा नजर नजर अंदाज कर दी जाएगी इसलिए जागने की जरूरत है कार्यकर्ताओं की को अपनी आवाज और अपनी लड़ाई स्वयं लड़नी पड़ेगी और सुनील सिंह को न्याय दिलाना पड़ेगा आइए मिलकर चाहे जिस दल के हो एक कार्यकर्ता की मदद की जाए जिससे आम कार्यकर्ताओं का हौसला कम ना हो या तो एडीओ पंचायत के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच और FIR दर्ज हो या दुबौलिया समिति के चुनाव को अवैध ठहराया जाए या फिर सुनील सिंह को अपहरण के मामले से बाइज्जत बरी किया जाए इस लड़ाई को लड़ने की जरूरत है नहीं तो कोई भी क्षेत्र पंचायत कोई भी आम नागरिक कोई भी दल का कार्यकर्ता जब किसी कार्य को लेकर कहीं जाएगा अधिकारी के पास तो अकारण ही उनके ऊपर मुकदमा दर्ज करा देगा और फिर कोई नेता पीछे से उनकी मदद करने नहीं आएगा और ऐसे ही हर पार्टी के कार्यकर्ता जो क्षेत्र की जनता के लिए विकास की बात करते हैं संघर्ष करते हैं उनके ऊपर मुकदमा दर्ज होते रहेंगे तो आइए विरोध करें और सुनील सिंह का साथ दें



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