कोर्ट ने ठोंका 20-20 हजार रुपये का जुर्माना
प्रधानी के चुनाव में समर्थन न करने पर हुई थी युवक की हत्या
खुर्शीद खान
सुलतानपुर। प्रधानी के चुनाव में समर्थन न करने की रंजिश को लेकर हुई युवक की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की अदालत ने प्रधान पति सहित दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। जिन्हें सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने आजीवन कारावास एवं बीस-बीस हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अदालत ने दो आरोपियों को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया है। अदालत ने अर्थदंड की रकम में से आधी रकम मृतक के माॅ-बाप को देने का भी आदेश दिया है।
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मामला बल्दीराय थाना क्षेत्र के विहित मजरे बरासिन गांव से जुड़ा है। जहां की रहने वाली सरस्वती पत्नी राम अभिलाख मिश्रा ने करीब सात वर्ष पूर्व 7 जनवरी 2011 की घटना बताते हुए वलीपुर चौकी प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक घटना के दिन करीब साढ़े तीन बजे वादिनी अपने परिवार के साथ हाते में बैठी थी। तभी अल्टो कार वाहन संख्या यूपी 44एन 7707 पर सवार होकर महेन्द्र प्रताप तिवारी, सगे भाई विजय शंकर उर्फ करियाले, रविशंकर उर्फ गेंदू, निवासीगण-अग्निहोत्रीपुर मजरे बरासिन व संदीप मिश्रा निवासी रूपई मिश्र का पुरवा मजरे केवटली आए, तब वादिनी का पोता सुदेश कुमार गेट बंद करने जाने लगा। तभी महेन्द्र प्रताप ने सुदेश पर तमंचे से फायर झोंक दिया और कार लेकर गांव की तरफ फरार हो गए। गोली सुदेश के पेट में लगी, जिससे वह गम्भीर से घायल हो गया। सुदेश को घायलावस्था में जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। हत्या के पीछे प्रधानी की चुनावी रंजिश बतायी गयी। आरोप के मुताबिक चुनाव में वादिनी के परिवार वालों ने महेन्द्र प्रताप का चुनाव में समर्थन नहीं किया था और उस वर्ष वह चुनाव हार भी गए थे। इसी रंजिश को लेकर सुदेश की हत्या किया जाना बताया गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ पहले आरोप पत्र दाखिल किया। वहीं फरार चल रहे आरोपी रविशंकर के खिलाफ बाद में आरोप पत्र दाखिल हुआ। मामले का विचारण एडीजे चतुर्थ की अदालत में चल रहा था। जिसके विचारण के दौरान शासकीय अधिवक्ता रमेशचंद्र मिश्र ने अभियोजन पक्ष के आठ गवाहों को परीक्षित कराया। वहीं बचाव पक्ष ने अपने समर्थन में एक गवाह को पेश किया। तत्पश्चात अदालत ने मौजूदा ग्राम प्रधान पुष्पा तिवारी के पति महेन्द्र प्रताप तिवारी व रविशंकर उर्फ गेंदू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं बीस-बीस हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई।जबकि शेष दो आरोपियो को साक्ष्य के आभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया। कोर्ट ने जुर्माने की रकम में से आधी धनराशि मृतक के माता-पिता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का आदेश दिया है।

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