खुर्शीद खान/अभिषेक गुप्ता
सुल्तानपुर (यूपी). यहां जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के भीखूपुर गांव में शनिवार देर शाम जब जगदीश निषाद की लाश गांव पहुंची तो वहां एक कोहराम मच गया। पिता की लाश देख मृतक की दो बेटियां कुछ इस तरह विलाप कर रहीं थी, 'हम अपने पापा के बिना नहीं रह पायेगें'। इसके बाद तो हार आंख छलक उठी।
ये है पूरा मामला
![]() |
| फ़ाइल फोटो : मृतक |
ग़ौरतलब हो कि शुक्रवार को जगदीश निषाद 38 पुत्र गयाप्रसाद चाचा के लड़के रामजन्म पुत्र जगन्नाथ के साथ रिश्तेदार के घर जा रहा था, एक ही बाइक पर सवार दोनों अभी जयसिंहपुर कोतवाली के टाण्डा-रायबरेली नेशनल हाइवे के तिन्दौली गांव के पास पहुंचे थे कि बाइक के हाई स्पीड में होने के कारण सामने की ओर से आ रही गाड़ी की लाइट की चकाचौंध में एकाएक पास होने के चक्कर में दोनों हाइवे के किनारे खड़ी बाइक से टकराकर रोड पर गिर पड़े।
बताया जा रहा है कि बाइक को जगदीश ही ड्राइव कर रहा था, उसने हेलमेट भी पहन रखा था। लेकिन बेहद तेज़ स्पीड के चलते हेलमेट भी उसे बचा नहीं सकी। हेड इंजरी के कारण उसकी मौके पर मौत हो गई और राम जनम को गम्भीर चोटें आईं। उसका इलाज जारी है।
ये कहकर पत्नी हो रही बेहोश के हम कैसे जी
पुलिस ने जगदीश की लाश को पोस्टमार्टम के लिये भेजा था और शनिवार को जब पोस्टमार्टम के बाद उसकी लाश जब गांव पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। तीन भाईयों में जगदीश अपने माता पिता का सबसे बड़ा बेटा था और उसकी इस तरह मौत से माता-पिता की आंखें पथरा गईं हैं। वही मृतक जगदीश पत्नी उर्मिला ये कहकर बेहोश हुई जा रही के हम कैसे जी। मृतक की दो बेटियां खुशबू 18 और राधा 16, व दो लड़के विपिन 12 और चन्दन 9 भी रो-रो कर निढाल हुए जा रहे हैं।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ