अमेठी (यूपी). रिश्तों को कलंकित करने वाली ये तस्वीरें ज़िले के शुकुल बाज़ार थाना क्षेत्र की हैं। यहां प्रशासन के रिकार्ड में जिला बदर बेटे ने अपने ही पिता और भाई को मारपीट कर खून में तर कर दिया। पीड़ित अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने 3 दिनों तक हवालात में उन्हीं का चालान कर दिया। इस मामलें में ग्राम प्रधान की शह की बात सामनें आई है, जिसनें अपनी जमीनी रंजिश निकालने के लिये बेटे को मोहरा बनाया।
शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के महोना कस्बे का मामला
ज़िले के शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के महोना कस्बे के निवासी मुन्ना लाल अपना घर और दुकान बनवा रहे है, आरोप है के देर रात मुन्नालाल का छोटा बेटा शिवकुमार अपनी पत्नी के साथ लाठी डंडा लेकर पहुँचा और अपने बड़े भाई चंद्रपाल पर उसने ताबड़तोड़ प्रहार कर कर दिया। बेटे को पिटता देख बचाव में आये पिता को भी उसने नहीं बक्शा।
गंभीर रूप से घायल पीड़ित जब शिकायत करने थाने पहुंचे तो पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा लिखने के बजाये पीड़ितों को ही लॉकअप में बंद कर दिया।
पुलिस ने पीड़ितों को तीन दिन तक लॉकअप में रखने के बाद उनका धारा 151 में चालान कर दिया। जमानत पर रिहा होने के बाद पीड़ित जब अपना दर्द लेकर एसपी आफिस पहुँचे तो एसपी ने इनसे मिलना ही मुनासिब नही समझा।
आरोप:SP को देना पड़ता है 1 लाख रुपए महीना
पीड़ित मुन्ना लाल का आरोप है कि
बेटे शिवकुमार ने ये सभी कुछ क़दम दबंग ग्राम प्रधान की शह पर किया। पीड़ित के अनुसार प्रधान ने मकान और दुकान पर
जबरन कब्जा कर रखा है, और विरोध करने पर ये हाल कराया है। आरोप है कि थाने पर मौजूद एक सिपाही ने पैसे की डिमांड भी किया और कहा की एसपी साहब को 1 लाख रुपए महीना देना पड़ता है, जब तक पैसा नहीं दोगे किसी को छोड़ा नही जाएगा। पुलिस ने पूरे मामले में एकतरफा कार्यवाही की और खुद हम लोगो को बंद कर दिया जबकि हमला करने वाले लोग खुलेआम घूम रहे है।
पुलिस अधिकारियों पर लग रहे आरोप बेबुनियाद:ASP
इस मामलें में एएसपी अमेठी बीसी दुबे ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, मीडिया के माध्यम से जानकारी हुई है। पीड़ित को बुलाकर उनके दर्द को सुना जायेगा। साथ ही पुलिस के अधिकारियों पर लग रहे आरोप को उन्होंंने बेबुनियाद बताया। उन्होंंने कहा कि इस मामले की जांच कराई जायेगी।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ