सुनील उपाध्याय
बस्ती । भगवान श्री चित्रगुप्त को सर्वसमाज में स्थापित कराने के राष्ट्रव्यापी मिशन के तहत कायस्थ वाहिनी की ओर से 31 मार्च को भव्य प्रगट उत्सव का आयोजन किया जायेगा। इसकी तैयारियों के निमित्त एक बैठक कटरा मोहल्ले में स्थित काली मंदिर के निकट सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता यूथ बिग्रेड के जिलाध्यक्ष दुर्गेन्द्र बहादुर श्रीवास्तव ने की।
वाहिनी प्रमुख पंकज भैया ने प्रगट उत्सव एवं इस अवसर पर निकाली जाने वाली शोभायात्रा की विस्तार से रूपरेखा प्रस्तुत करते हुये संगठन के पदाधिकारियों व शहरवासियों से सहयोग की अपील की। उन्होने कहा कि वाहिनी की ओर से विश्व के कई देशों में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके नतीजे भी दिखने लगे हैं बहुत बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग भगवान श्री चित्रगुप्त को स्थान व महत्व दे रहे हैं। इसी कड़ी में 31 मार्च को भव्य उत्सव मनाया जायेगा।
पंकज भैया ने कहा कि हमारे जितने भी आराध्य है, समाज उनके बारे में बहुत कुछ जानता है लेकिन भगवान श्री चित्रगुप्त कब प्रगट हुये, इसके पीछे उद्देश्य क्या था, उनकी पूजा विधि क्या है, भगवान के मंदिर कहां कहां हैं। ऐसे तमाम सवालों के जवाब लोग आज तक नही जानते। खास तौर से उनके वंशज ही इन महत्वपूर्ण जानकारियों से वंचित हैं। वाहिनी का उद्देश्य है कि सर्वसमाज इस बारे में विस्तार से जाने। बैठक में सर्वसम्मति से शोभायात्रा का रूट तय किया गया जो धर्मशाला रोड स्थित चित्रगुप्त मंदिर से निकलकर हनुमानगढ़ी, कम्पनी बाग, रौता चौराहा होकर पुनः मंदिर पहुंचकर समाप्त होगी। इसमें भगवान श्री चित्रगुप्त के रथ के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों व संस्थानों की झांकियां भी शामिल होगी।
प्रदेश सचिव अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि इस आयोजन से आम जनमानस जुड़े यही हमारी सफलता होगी। यह तभी संभव है जब संगठन के पदाधिकारी जनसंपर्क कर शहरवासियों को यात्रा के महत्व और उद्देश्य बतायें। उन्होने बैठक में मौजूद पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया। मंडल प्रभारी अजय कुमार श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष उमेश श्रीवास्तव, अंशुमान, विनोद श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, डब्बू श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये अपनी राय रखी।
पूर्व तय कार्यक्रम के अनुसार कायस्थ वाहिनी एवं बजाज एवेंजर क्लब पुणे के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार सुबह को बस्ती हथियागढ़ से निकाली एकता संदेश यात्रा निकाली गयी जिसे पंकज भैया ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ