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योगों का मिश्रण है राजयोग: ग्राम्य विकास मंत्री


खुर्शीद खान 
सुलतानपुर। ग्राम्य विकास मंत्री डाॅ. महेन्द्र सिंह ने आज यहाॅं श्रीअरविन्द सोसायटी के उत्तर-प्रदेश व उत्तराखण्ड के दो दिवसीय संयुक्त वार्षिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘क्षितिजल पावक गगन समीरा’ इन पांच के योग से शरीर बना है। योग की शुरूआत भी ‘ऊं' से होती है। व्यक्ति के कर्म की कौशलता का योग व्यक्तित्व बढ़ा देता है। सभी योगों का मिश्रण राजयोग है। 

सुलतानपुर जिले के अमहट स्थित एक होटल में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डाॅ. महेन्द्र सिंह ने साधे हुए आध्यात्मिक व्यक्तित्व की तरह करीब पौन घण्टे के उद्बोधन में योग और श्रीअरविन्द के योग पर बेवाकी से बोले। उन्होंने बताया की पूरी सृष्टि योग से ही चल रही है। जन्म से मृत्यु तक को साध लेना सबसे बड़ा योग है। व्यक्ति समाज में दाँत के तरीके से रहेगा तो एक दिन टूटना ही है और जिह्वा की तरह रहेंगे तो अन्तिम समय तक बने रहेंगे। व्यक्ति का तदात्म स्थापित करना, सम्मान करना, अपने इन्द्रियों पर नियंत्रण करना, संस्कार ठीक करना भी योग है। 

डाॅ. सिंह ने कहा कि भारत में वेद, उपनिष्दों की रचना हुई। इसके बाद भी लिखा गया कि आगे और भी है। यही भारत की संस्कृति और संस्कार है। प्रकृति के साथ शरीर का, मन के साथ ईश्वर का, नदियों के साथ समुद्र, पक्षियों के साथ वृक्ष आदि का जुड़ना ही योग है। उन्होेंने सूर्य, पृथ्वी, वायु के योग को विस्तार से व्याखित करते हुए कहा कि इनमें से किसी का योग बिगड़ जाता है तो दुनिया में हाहाकार मच जाता है। एक मिनट भी हवा थम गयी तो सारा संतुलन बिगड़ जाता है। यही नहीं उन्होंने बताया कि एक शोध में पाया गया है कि सूर्योदय के समय की ध्वनि का स्वर ‘ऊँ’ का है तथा समुद्र की तलहटी में कलरव ध्वनि वेद की ऋचाओं को दोहराता है, यह सभी योग है। अन्त में उन्होंने कहा कि श्रीअरविन्द की एक आध्यत्मिक व्यक्तित्व के अलावा विभिन्न रुपों में पहचान है। 

इसके पहले कार्यक्रम संयोजक एवं राष्ट्रीय कोर ग्रुप के सदस्य डाॅ. जे.पी. सिंह ने कहाकि योग का मतलब है अपने स्रोत से जुड़ना। स्रोत का मतलब है ईश्वर है। हर कार्य को पूजा की तरह लें तो यह भी योग है। सारा जीवन भी योग है। कार्य में समता बनाये रखना भी योग है। कर्म में कुशलता भी योग है।  दुःख के संयोजन का वियोग ही योग है। जब हमारे प्रतिकूल परिस्थितियों होती है तो हमें दुःख होता है। यदि इसे आप जीवन में उतारते है तो समझे आप हर समय योग कर रहे है। कार्यक्रम का शुभारम्भ श्रीमां और श्रीअरविन्द के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्जवलन और रामराजी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की छात्राओं के सरस्वती वन्दना से हुआ। इसके बाद सुमन सिंह एवं इलाहाबाद के अध्यक्ष आर डी तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अन्तर्राष्ट्रीय एपीडिम्योलोकिल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर चन्द्रमणि पाण्डेय ने कहा कि किसी जुड़ाव से सार्थक चेतना पैदा हो रही हैं तो वह भी योग है। दुनिया के किसी भी देश को आज तक विश्वगुरू की संज्ञा नहीं मिली। यह भारत देश ही है जिसको अपने आध्यत्मिक शक्ति के कारण विश्व गुरू की संज्ञा प्राप्त है। कार्यक्रम को प्रदेश संयुक्त मंत्री विष्णु प्रकाश गोयल ने भी सम्बोधित किया। संचालन डाॅ. प्रज्ञान चैधरी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन जिलाध्यक्ष बी.बी. सिंह ने किया। 



कार्यक्रम में जिले के मुख्य विकास अधिकारी राधेश्याम, जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. सीबीएन त्रिपाठी, प्रख्यात चिकित्सक डाॅ. ए.के. सिंह, डाॅ राम जी गुप्ता, डाॅ. पवन सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा, भाजपा प्रवक्ता विजय सिंह रघुवंशी,गिरीश नारायण सिंह, कृपाशंकर मि्श्रा, सहित तमाम भाजपा नेता मौजूद रहे। 

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