डॉ ओपी भारती
वजीरगंज(गोंडा) भर्ष्टाचार की गंगोत्री में आकण्ठ डूबे पंचायत अधिकारी ने मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच आख्या के लिए पैसे की मांग की। पीड़ित ने उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की है।
मामला क्षेत्र के रामपुर खरहटा से संबंधित है यहां के निवासियों आनंद पांडेय व तेज प्रकाश तिवारी ने उपजिलाधिकारी तरबगंज को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि उन दोनों के पिता की मृत्यु क्रमशः 31 दिसम्बर 08 व 06 नवम्बर 10 को हो गयी थी। परिस्थिति बस उन लोगों ने उस समय मृत्यु का पंजीकरण नही कराया। जब जरूरत हुई तो इसके लिए भाग दौड़ करने लगे। इन लोगों ने 22 जनवरी18 को ऑनलाइन आवेदन किया । जो ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश दत्त मिश्र को आख्या हेतु मिला। आख्या हेतु आवेदकों ने लिखित गवाही भी दिलाई बावजूद इसके दो माह बीतने के बाद भी संबंधित ने जांच आख्या नही भेजी। शिकायत कर्ताओं का आरोप है कि जांच आख्या लगवाने हेतु जब उनके घर गए तो सचिव ने मृत्यु दिनांक से लेकर अब तक एक हजार रुपये प्रति साल मांगे ऐसा न करने पर रिपोर्ट न लगाने की बात कही। आवेदकों द्वारा आख्या लगाने के लिए कहने पर वे आक्रोशित हो मां बहन की गाली देते हुए धक्के देकर घर से भगा दिया और झूठे मुकदमे में फसा कर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी भी दी। पीड़ितों ने एसडीएम से मृत्यु प्रमाण पत्र दिलाने की मांग की है। इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश दत्त मिश्रा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि गांव की खुली बैठक कर जांच आख्या भेजी जाएगी। उपजिलाधिकारी सौरभ भट्ट ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन पर 1सप्ताह तक आख्या भेजना आवश्यक है रिपोर्ट न भेजना संदेह उत्पन्न करता है। विकास खंड अधिकारी से रिपोर्ट तलब की जा रही है।


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