आदेश के बावजूद कर्मचारियों को नही दिया फरवरी माह का वेतन
गोण्डा।उत्तरप्रदेश के गोण्डा जनपद में सीएमओ के लिए शासन का आदेश कोई मायने नही रखता है। तभी तो सीएमओ ने कर्मचारियों को फरवरी महीने का वेतन नही दिया।कर्मचारियों की होली मने या न मने, इनके घर की होली की खुशियां फीकी रहे या चटक, सीएमओ के सेहत पर क्या फर्क पड़ता है। शासन की मंशा थी कि किसी भी कर्मचारियो की होली फीकी न रहे इसके लिए बाकायदा शासनादेश जारी कर कहा गया कि सभी वर्ग के कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होली से पहले कर दिया जाय, मगर सीएमओ ने अपनी हठधर्मिता के चलते जनवरी के रोके हुए वेतन,मानदेय का भुगतान तो कर दिया लेकिन फरवरी का वेतन रोक लिया, जबकि 19 फरवरी को मिशन निदेशक पंकज कुमार और 27 फ़रवरी को मुकेश मित्तल सचिव उ0प्र0 शासन ने स्पष्ट शासनादेश जारी कर कहा है फ़रवरी माह के वेतन और मानदेय का भुगतान हर हाल में 28 फरवरी तक कर दिया जाय। आदेश तो यह भी है कि हर माह के 5 तारीख तक वेतन/मानदेय का भुगतान कर दिया जाय,लेकिन किसी भी माह का भुगतान समय से न करना इनकी मानसिकता में शामिल हो चुका है। पूछने पर सीएमओ बता देता है कि अभी उपस्थिति नही आयी है जबकि उपस्थिति मंगाने की जिम्मेदारी भी इन्ही की ये इनको कौन बताये ? सीएमओ का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क साधने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नही हो सका

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