अमेठी:हिन्दू मुसलिम यकताई के प्रतीक तिलोई के हज़रत शहीद मर्द शाह बाबा के उर्स का समापन खुलूसो मोहब्बत के साथ हुआ,तीन दिवसीय उर्स पाक के दूसरे दिन रात में शरीफ परवाज कानपुर व नेहा नाज,उजमा नाज कव्वाला फैज़ाबाद के बीच नाते रसूल,मनकबत,गज़लों का दौर चला,हल्की बूँदा बांदी के वावजूद बड़ी संख्या में श्रोतागण देर सुबह तक क़व्वाली का आनन्द लेते रहे,शुरूआत नेहा नाच,उजमा नाज ने नाते नबी पढ़कर की,उसके बाद ख्वाजा ग़रीब नवाज की शान में मनकबत-"मेरे ख्वाजा ने ऐसी पिलाई मुझे,आज पीने में मुझको मज़ा आ गया" पेश की तो लोग झूम उठे।शरीफ परवाज कानपुरी ने भी नाते रसूल-"मुस्तफा आप के जैसा कोई आया ही नहीं,आता भी कैसे जब अल्लाह ने बनाया ही नहीं" गाया तो महफिले शमां जगमगा उठी...देर रात तक कार्यक्रम चलता रहा,जिसमें क्षेत्रीय अवाम के अलावा गैर जनपदों से भी बड़ी तादाद में लोग आए थे।बेहतरीन आयोजन के लिये लोगों ने मेले के इंतजामकारों,क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व प्रशासन को सराहा।


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