अमरजीत सिंह
फैजाबाद:जमीन पर अपनी अपनी कब्जेदारी को लेकर ग्राम प्रधान व वन विभाग आमने सामने हो गए हो गए क्योंकि सन 1963 से वन विभाग के कब्जे में रही जमीन पर अचानक ग्राम प्रधान ने ग्राम समाज की आरक्षित भूमि होने का दावा किया ग्राम प्रधान ने ये भी बताया तहसील प्रशासन की ओर से उक्त जमीनों को पट्टा आदि करने का निर्देश भी प्राप्त हो चुका है
बताते चले कि रुदौली वन क्षेत्र अन्तर्गत सुल्तानपुर वन ब्लॉक के पूर्वी ब्रांच के सात हेक्टेयर भूमि पर वन विभाग ने कैम्पा योजना अन्तर्गत 14 हजार पौधरोपण कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।कार्य की स्वीकृति मिलते ही वन विभाग उसमें गड्ढा खुदाने का कार्य शुरू किया और लगभग 13 सौ गड्ढे खुद भी गए कि अचानक दर्जनों ग्रामीण के साथ मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान होली रावत व उनके सहयोगी वृजेश कुमार रिंकू सिंह ने उक्त जमीन को गांव की आरक्षित भूमि बताकर गड्ढा खुदान पर रोक लगा दी जब इस बात की जानकारी क्षेत्रीय वनाधिकारी को हुई तो उन्होंने उक्त समस्या जिला प्रभागीय वनाधिकारी डा0 रवि कुमार को अवगत कराया डीएफओ के निर्देश पर उप प्रभागीय वनाधिकारी डा0 ए0के0 सिंह मय क्षेत्राधिकारी आर0एस0 कुशवाहा सेक्सन प्रभारी सैय्यद ततहीर अहमद बीट प्रभारी जगदीश यादव को लेकर पुनः मौके पर गए अफसरों के लाख प्रयास के बावजूद ग्राम प्रधान उक्त जमीन पर वन विभाग द्वारा गड्ढा खुदाने को राजी नही हुए इस बावत क्षेत्रीय वनाधिकारी आर0एस0 कुशवाहा ने बताया उक्त जमीन पर वन विभाग सन 1963 से काबिज है उक्त जमीन को वहां के पूर्व प्रधान द्वारा बहुत पहले ही वन विभाग को दे दिया था जिसके कागजात आज भी कार्यालय में है उक्त जमीन की फाइल अमल दरामद के लिये तहसील प्रशासन में लंबित है यहां प्रत्येक वर्ष लगातार पौधरोपण किये जा रहे है वहां प्रस्तावित पौधरोपण को ग्राम प्रधान जबरन रोक रहे है जो गलत है।यदि बातचीत से मानेंगे तो ठीक है नही विधिक कार्रवाई की जाएगी


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