सुनील उपाध्याय
बस्ती यूपी । बस्ती जिले में नगर पालिका कार्यालय में गैर सरकारी शख़्श को महत्वपूर्ण दस्तावेजों में लिखापढ़ी करते पकड़ा गया है। पकड़ा गया शख़्स पिछले चार सालों से पालिका दफ्तर में काम कर रहा था जिसकी जानकारी पालिका प्रशासन को थी लेकिन किसी ने आवाज उठाने की जहमत नहीं उठाई। बेहद नाटकीय ढंग से इसका खुलासा तब हुआ जब जिले के संयुक्त मजिस्ट्रेट आईएएस चन्द्र मोहन गर्ग ने स्वंय आरोपी के टेबल पर जाकर काम करते उसे धर दबोचा। फिलहाल आरोपी के खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज करने का आदेश दे दिया गया है।
जिले की नगर पालिका परिषद बस्ती में अजीबोगरीब खुलासा हुआ है जिसमें लेखा सहायक के पटल का काम पिछले कई सालों से बाहरी शख्स कर रहा है इतना ही नहीं पालिका के महत्वपूर्ण दस्तावेजों का रखवाला बना आरोपी शख्स और वरासत और मकानों के खारिज दाखिल और अन्य संबंधित महत्वपूर्ण कार्य जो पालिका के लेखा विभाग से जुड़े होते थे उसका निस्तारण उसी दफ्तर में करता रहा पालिका के अफसरों के लिए मोटी कमाई का जरिया बने इस शख्स के खिलाफ न तो मौजूदा अध्यक्ष न ही पूर्व अध्यक्ष और न ही किसी अधिशासी अधिकारी ने विरोध करने की जहमत उठाई इसका खुलासा तब हुआ जब जिलाधिकारी सुशील कुमार मौर्य को शिकायत मिली कि पालिका दफ्तर में खारिज दाखिल के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम पर गैर सरकारी व्यक्ति धन की वसूली करता है और दफ्तर में ही बैठकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर लिखा-पढ़ी भी करता है इसे गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट चंद्र मोहन गर्ग को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देश दिया बेहद नाटकीय क्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट जब पालिका दफ्तर के आरोपी गैर सरकारी कर्मचारी मिठाई लाल के समक्ष पहुंचे तो वह उन दस्तावेजों के साथ लिखा-पढ़ी करते हुए मिला पहले तो उसने खुद को अनजान बताते हुए सारी जिम्मेवारी संबंधित पटल लेखा सहायक राज कुमार श्रीवास्तव के संज्ञान में होने की बात कही लेकिन सख्ती पर उसने कबूला कि खारिज दाखिल और वरासत जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में उसकी राइटिंग से काम हो रहे थे इतना ही नहीं उसने मजिस्ट्रेट के सामने कबूला कि पिछले कई वर्षों से वह लगातार काम कर रहा है और इसकी जानकारी सभी उच्चाधिकारियों को है फिलहाल आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं साथ ही पटल सहायक के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही के लिए शासन को पत्र लिखने की भी बात संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कही है। यह भी पता चला है कि जिस लेखा सहायक के पटल का कार्य आरोपी मिठाई लाल कर रहा था वह पटल सहायक पालिका गर्मियों में काफी दबंग माना जाता है और इससे पहले भी उस पर कई आरोप लगे हैं लेकिन जांच के नाम पर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता रहा।


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