अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर के कोतवाली देहात पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब वह गत 18 मार्च को 19 वर्षीय एक युवती की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की । कोतवाली देहात क्षेत्र में ग्राम बेलवा सुल्तानपुर में गत 18 मार्च को 19 वर्षीय युवती सीमा की हत्या अवैध संबंधों के कारण उसी के भाई द्वारा की गई थी । घटना का का खुलासा आज पुलिस ने करते हुए मृतका सीमा के भाई रामप्रताप मौरिया को हत्या अभियुक्त बनाते हुए गिरफ्तार किया है । पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार के अनुसार मृतका सीमा का कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम बेली निवासी सबी यादव पुत्र गोबरे यादव के साथ अवैध संबंध था । घटना के दिन 17 मार्च को मृतका सीमा को उसी की भतीजी ने गांव से बाहर किसी के साथ जाते हुए देख लिया और उसकी सूचना घर पर आकर अपने पिता रामप्रताप को दी जिसके बाद रामप्रताप गांव से बाहर सीमा की तलाश में निकला पड़ा । खोजते हुए गांव के बाहर एक बगीचे के किनारे गेहूं के खेत में सीमा तथा उसके प्रेमी सबी यादव को आपत्तिजनक स्थितियों में देख लिया जिसके बाद उसने सबी को पकड़ने के लिए दौड़ाया परंतु सबी वहां से भागने में सफल हो गया । आग बबूला होकर रामप्रताप ने सारा गुस्सा अपने बहन सीमा के ऊपर उतार दिया और उसी के दुपट्टे से गला दबाकर सीमा की हत्या कर दी । घटना के समय उजाला था इसलिए उसने वहीं पर लाश छोड़कर वापस आ गया तथा रात में लगभग 10:00 बजे पुनः जाकर गेहूं के खेत से लाश उठाकर पास के गन्ने के खेत में छिपा दिया तथा मनगढ़ंत कहानी अपने घर आकर बताया जिसके बाद सीमा के पिता राम भवनमौर्या ने कोतवाली देहात में आकर बेली निवासी सबी यादव पुत्र गोबरे यादव के नाम नामजद तहरीर देते हुए उसी के द्वारा हत्या किए जाने का शक जाहिर किया । पुलिस ने पूरी घटना की छानबीन तत्काल शुरू की परंतु सबी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल रहे थे । घटना के बाद रामप्रताप ने सीमा के पढ़ाई के बैग को भी जला दिया था जिसे देख कर पुलिस को घरवालों पर शक होना शुरू हो गया । शक के आधार पर ही पुलिस ने जांच शुरू की जिसके बाद सत्यता सामने आई और राम प्रताप ने पुलिसिया कार्रवाई के दौरान अपना सारा जुर्म कबूल कर लिया तथा पूरी घटना को अच्छरश: बयान किया । एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने एक बेगुनाह को जेल जाने से बचाया है और वास्तविक दोषी को जेल भेज कर पुलिस विभाग के लिए एक सराहनीय कार्य किया है । पुलिस यदि चाहती तो नामजद आरोपी को जेल भेज कर अपनी कार्यवाही पूरी कर सकती थी परंतु पुलिस का यह दायित्व बनता है कि किसी भी बेगुनाह को जेल न भेजा जाए और वह भी हत्या जैसे संगीन जुर्म में । इसीलिए पूरे घटना को बारीकी से तफ्तीश की गई और सत्यता सभी के सामने आई जो काफी चौंकाने वाली थी । मृतका के भाई ने खुद हत्या कर मनगढ़ंत कहानी के द्वारा साक्ष्य छुपाते हुए पूरे मामले को मोड़ने की कोशिश की थी जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया और अंततः हत्या का वास्तविक दोषी पुलिस के गिरफ्त में आ गया ।


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