सुनील उपाध्याय
बस्ती । आल टीचर इम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन ‘अटेवा’ की बैठक बुधवार को जिला क्रीडांगन के निकट जिला संयोजक तौवाब अली की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में पुरानी पेंशन बहाली हेतु चरणबद्ध आन्दोलन की रूप रेखा पर विचार किया गया। निर्णय लिया गया कि शिक्षक आगामी 1 अप्रैल को काला दिवस मनाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 30 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित राष्ट्र व्यापी आन्दोलन में बस्ती से लगभग 1 हजार शिक्षक हिस्सा लेंगे।
बैठक को सम्बोधित करते हुये जिला संयोजक तौवाब अली ने कहा कि यदि देश भर के शिक्षक पुरानी पेंशन नीति बहाली पर एकजुट न हुये तो केन्द्र की सरकार पर दबाव बना पाना आसान न होगा। उन्होने शिक्षकों से हक के लिये एकजुटता पर जोर दिया। महामंत्री दीपक सिंह प्रेेमी ने कहा कि एक तरफ जहां केवल पांच वर्ष के लिये चुने जाने वाले जन प्रतिनिधियों के लिये आजीवन पेंशन की व्यवस्था है वहीं नौकरी में पूरा जीवन खपा देने वाले लोगों से पेंशन का हक छीन लेना दुर्भाग्यपूर्ण और चिन्ताजनक हैं। कहा कि सरकार पेंशन नीति को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। मण्डल संयोजक विजेन्द्र वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब सांसद थे तो उन्होने पेंशन बहाली के लिये केन्द्र सरकार को पत्र लिखा था। अच्छा हो कि वे स्वयं आगे आकर सरकारी कर्मचारियों को पेंशन का हक दिलाने में सहयोग करेें।
बैठक को जिला संरक्षक प्रमोद ओझा, वृजेश वर्मा, नीलिमा गौतम, विजयनाथ तिवारी, अनीस अहमद आदि ने सम्बोधित किया।
अटेवा की बैठक में अशद जमाल, देवेन्द्र तिवारी, अमरचन्द, सुनील मौर्य, सुग्रीव भारती, अमरनाथ, सुरेन्द्र यादव, विनय पाण्डेय, कमर खलील अंसारी, वासुदेव, राजेश दूबे, अर्जुन प्रसाद, विपिन मिश्र, प्रशान्त बरगाह, अरूण मिश्र, शिवरतन, मनीष मिश्र, अब्दुल मारूफ, पदमपाणि पाठक, सन्तोष पाण्डेय, मूलचन्द, डा. योगेश सिंह आदि उपस्थित रहे।


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