शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ । जिलाधिकारी की पत्नी एवं आकांक्षा समिति की अध्यक्षा डा0 स्निग्धा रश्मि ने कहा है कि शर्म और लज्जा वाणी और आम व्यवहार में होनी चाहिये न कि सफाई के मामले में। ये उद्गार उन्होने आज उस समय व्यक्त किया जब वह मेरी सहेली योजना के अन्तर्गत द्वितीय चरण के लिये 200 चिन्हित ग्रामों के किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ विकास खण्ड बाबा बेलखरनाथ धाम के ग्राम ताला में किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन वितरण करते हुये कर रही थी। उन्होने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि सफाई को विशेष महत्व दिया जाये और समाज के अन्दर सेनेटरी नैपकिन वितरण के प्रति व्याप्त संकुचित मानसिकता को दूर किया जाये। मेरी सहेली योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होने कहा कि स्वच्छता जीवन का अभिन्न अंग है और मासिक धर्म भगवान का दिया हुआ वरदान है। इसके द्वारा सृष्टि की रचना होती है। गांव को कुपोषण मुक्त बनाना, कैन्सर और बॉझपन जैसे बीमारियों से दूर रखना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है और किशोरियों को मासिक धर्म से सम्बन्धित अनेक प्रकार की बीमारियों से बचाना मेरी सहेली योजना का प्रमुख उद्देश्य है। इस अवसर पर उन्होने गांव की 30 किशोरियों को निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन बॉटा। द्वितीय किस्त के रूप में इन किशोरियो को 5 रू0 और तृतीय किस्त के रूप में 10 रू0 की दर से उनसे सेनेटरी नैपकिन का चार्ज लिया जायेगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष कुमार श्रीवास्तव ने आकांक्षा समिति के अध्यक्षा का स्वागत करते हुये बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के पास पर्याप्त मात्रा में सेनेटरी नैपकिन है और 20 रू0 लेकर कोई भी इसे प्राप्त कर सकता है। उन्होने यह भी बताया कि योजना के द्वितीय चरण में आज चिन्हित 200 गांवों की 6000 किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस योजना की सफलता के लिये आवश्यक है कि शर्म का त्याग किया जाये। किशोरियॉ और महिलायें सेनेटरी नैपकिन की परिवार के सदस्यों से मांग करें इसमें किसी प्रकार की लाज या शर्म महसूस न करें। जिलाधिकारी ने इस कार्यक्रम के लिये सी0डी0पी0ओ0, वी0डी0ओ0, खण्ड शिक्षा अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, ए0डी0ओ0 (पंचायत) को नोडल अधिकारी बनाया गया था।



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