मनीष ओझा
प्रतापगढ़। लालगंज कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर मिसिरपुर के समीप ट्रक के केबिन मे चालक और खलासी की जघन्य हत्या को लेकर तीसरे दिन भी पुलिस ककहरा तक नहीं पढ़ सकी। दोहरे हत्याकंाड को लेकर अभी भी जहां संशय बना हुआ है।वहीं लोगो के बीच हत्याकांड की वजह को लेकर सवाल तैर रहे है। गौरतलब है कि मंगलवार की देर रात एक ट्रक के केबिन मे चालक और खलासी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर हत्यारे अंधेरे मे भाग निकले। घटना को लेकर कोतवाली पुलिस मृतकों के मोबाइल को भी सर्विलांस पर भी लिये हुए है। इसके बावजूद अभी तक यह तार नहीं जुड सका कि आखिर इस प्रकार की निर्मम वारदात को किसके इशारे पर और क्यों अंजाम दिया गया। हत्यारों द्वारा मृतकों से किसी भी प्रकार की लूट की घटना को अंजाम न देना इस घटना को और दुरूह तथा सवालिया घेरे मे खड़ा कर गया है। यहां तक कि दोनो मृतकों के परिजन भी किसी भी प्रकार की रंजिश से इंकार कर रहे है। ऐसे मे पुलिस रोड लाइन्स के मृतको के किसी विवाद अथवा कुछ छुपे पहलुओं पर भी माथापच्ची तो कर रही है। किंतु शुक्रवार तक उसे किसी भी प्रकार का लिंक हासिल नहीं होता दिख सका। दोहरे हत्याकांड मे अभी तक पुलिस सर्विलांस इस तह तक भी नहीं पहुंच पाया है कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने मे बदमाशों की संख्या कितनी हो सकती है। पुलिस जरूर विभिन्न थानों मे ट्रक लूट से जुडी घटनाओ के जरायमी चेहरो की पडताल मे लगी हुई है। वहीं खाकी भाड़े के हत्यारो के जरिये भी इस घटना को अंजाम दिये जाने के बिन्दु पर भी दिमाग खपाये है। सूत्रों के मुताबिक जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह स्वयं इस दोहरे हत्याकांड की मॉनीटरिंग करने मे जुटे बताये जा रहे है। एसपी स्वयं घटना के खुलासे को लेकर गठित टीमो से सुबह शाम प्रगति की माथापच्ची मे सुने जा रहे है। नेशनल हाईवे पर दोहरे हत्याकांड को लेकर नाराज चल रहे एसपी की घटना के खुलासे मे विलम्ब को लेकर किसी मातहत पर गाज गिरने की भी खाकी मे खुसुर फुसुर भी देखी जा रही है।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ