Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

व्यवसायी की चापड़ से हत्या के बाद बाबूगंज मे आक्रोशित भीड़ ने लगाया जाम


शिवेश शुक्ला 
प्रतापगढ़। जनपद लालगंज कोतवाली क्षेत्र के डीह मेंहदी बाबूगंज बाजार निवासी व्यवसाई इसरार की हत्या को लेकर दूसरे दिन शनिवार को भी बाजार व आसपास के इलाके मे भारी तनाव बना रहा। जिलाधिकारी शम्भु कुमार के आश्वासन के बाद ही शनिवार की दोपहर बाद मृतक के परिजन शव दफन करने को राजी हो सके। डीएम शम्भु कुमार ने मृतक के परिजनों को हत्याकांड के सही खुलासे और परिजनों को सुरक्षा के लिये शस्त्र लाइसेंस दिये जाने का भी भरोसा दिलाया है। पीएम के बाद मृतक के शव को डीएम के आने के पहले दफन करने से परिजनों के इंकार करने से पुलिस और प्रशासन को दिनभर भारी मशक्कत करनी पड़ी। गौरतलब है कि गांव के मो. मुस्तकीम का बेटा इसरार बाबूगंज तिराहे पर पान की दुकान लगाया करता था। शुक्रवार की रात करीब साढ़े सात बजे इसरार नमाज पढ़कर बाबूगंज के निकट लोनी पार शौच के लिये जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा गांव के समीप लोनी नदी के किनारे बाइक से गया था। सूत्रों के मुताबिक पहले से घात लगाये हमलावरों ने इसरार पर चापड़ से हमला बोल दिया। मृतक के चेहरे को फाड़ते हुये निर्दयी हत्यारों ने उसका गर्दन तक काट डाला। इधर सूनसान इलाके मे मृतक की चीख सुनकर जब उसके परिजन दौड़े तो नदी किनारे इसरार का रक्तरंजित शव बरामद हुआ। वहीं उसकी बाइक मौके पर ही खड़ी पाई गई। सूचना मिलते ही जिले के पुलिस कप्तान संतोष कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। रात मे ही पुल पर जमा हजारों की भीड़ गम और गुस्से मे मृतक का शव उठाने नहीं दे रही थी। एसपी के आश्वासन पर किसी तरह देर रात शव पुलिस पीएम के लिये भेजवा सकी। इस बीच मृतक के भाई बादशाह की तरफ से जेठवारा थाना के बबलू व सत्तू तथा तालिब एवं लालगंज कोतवाली के शहजाद समेत तीन अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। इधर शनिवार की सुबह मृतक इसरार का शव जैसे ही घर पहुंचा लोगों का आक्रोश बढ़ गया। गुस्साई भीड ने हत्यारोपियों के एक नजदीकी खटवारा गांव के ताहिर का घर भी फूंक दिया। आगजनी की घटना मे भी पुलिस की लापरवाही हद तक नजर आयी। शनिवार की रात को ही मजमे का गुस्सा भांप कर पुलिस को शनिवार को हाई अलर्ट रहना था। किंतु पुलिस को भीड़ के गुस्से का आंकलन नहीं हो सका। शनिवार को आक्रोशित भीड़ ने मृतक के शव को बाबूगंज बाजार तिराहे पर लाकर रख दिया और कई घण्टे जाम लगा दिया। इससे डेरवा बाबूगंज सगरा के बीच आवागमन बाधित हो उठा। मौके की नजाकत को समझते हुये जिले के एडीएम सोमदत्त मौर्य व एसडीएम कोमल यादव तथा एएसपी पश्चिमी बसंतलाल एवं सीओ आशुतोष त्यागी तथा लालगंज कोतवाल तुषार दत्त त्यागी व जेठवारा एसओ शिव कुमार समेत बज्र एंव क्राइम ब्रांच तथा क्यूआरटी के साथ कुण्डा, बाघराय, महेशगंज, सांगीपुर, उदयपुर, अंतू, मान्धाता समेत जिले के कई थानों के प्रभारी भारी फोर्स के साथ मौके पर आ जमे। सूत्रो के मुताबिक मृतक इसरार की हत्या गांव मे बूचड़खाने से जुडे मवेशी के धंधे को लेकर आंकी जा रही है। घटना मे शक के दायरे मे आये एक आरोपी का भांजा सांगीपुर थाना के शुकुलपुर गांव मे बूचड़खाने का लाइसेंस रखता है। लगभग दो माह पूर्व आरोपी के एक लड़के व भांजे द्वारा वहां अवैध मांस पहुंचाया गया था। जिसे लेकर पुलिस ने एक आरोपी को जेल भी भेज दिया था। इधर मृतक बाबूगंज मे बूचड़खाने का लाइसेंस के कारोबार से जुड़ा हुआ था। लोगों के मुताबिक तभी से दोनों गु्रपो के बीच धन्धे की चोट की दुश्मनी की आंच दहकने लगी। हालांकि पुलिस हत्या के अन्य कारणों पर भी मंथन मे अंदर ही अंदर जुटी बताई जाती है। 
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे