शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। बाबूगंज मे व्यवसाई इसरार की हत्या को लेकर गम व रंज का माहौल बना हुआ है। मृतक इसरार का लोगों के बीच मिलनसारिता हर एक को यह हत्या सालती हुई दिखी। वहीं इस जघन्य हत्याकांड ने भी लालगंज सर्किल मे कानून और व्यवस्था के बदतर हालात फिर बयां किये। अभी सप्ताह भर नही बीता कि कोतवाली क्षेत्र के मिसिरपुर हाईवे पर चालक व खलासी का दोहरा हत्याकांड लोगो के रोंगटे खडे किये हुए थे। शुक्रवार की रात इसरार की भी हत्या हो गयी। भले ही तकनीकी कारणों से नदी पार का घटनास्थल इस हत्याकांड को जेठवारा पुलिस के माथे कर गया हो किंतु हत्या के तार लालगंज कोतवाली मे ही धंधे पानी को लेकर साफ जुटे दिखते है। दो वर्ष पहले भी बाबूगंज बाजार मे सरेशाम बीडीसी मो. इद्रीश की हत्या बदमाशो ने गोली मारकर कर दी थी। इद्रीश हत्याकांड ने भी पुलिस ने लीपापोती कर किसी तरह अपने फर्ज की खानापूर्ति की। बाबूगंज इलाके मे इस हत्याकांड से भी लोगो का गुस्सा इद्रीश हत्याकांड से भी फिर जुड गया नजर आया। जिस बेरहमी के साथ कातिलो ने इसरार को मौत के घाट उतारा। उससे बाजार तथा गांव के लोगों के रोंगटे खडे हो गये है। जिला प्रशासन ने इस हत्याकांड पर भी सही आरोपियो ंकी गिरफ्तारी और परिजनों को शस्त्र लाइसेंस देने का भरोसा दिलाकर किसी तरह हालात पर काबू जरूर जा लिया है। किंतु हत्याकांड को लेकर आक्रोश की चिंगारी जल्द शांत होने का संकेत नहीं दे पा रही है।


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