रमेश कुमार मिश्र
गोण्डा। तरबगंज तहसील मुख्यालय पर स्थाई फायर सर्विस स्टेशन ना होने से साल में आग से जलकर हजारों जिन्दगियां असमय काल के गाल में समा जाती है।वा लगभग करोड़ों की सम्पत्ति आग में जलकर स्वाहा हो जाती है।जिस तरफ प्रशासन का ध्यान नही जारहा है।जबकि बीते वर्ष
योगी सरकार ने मार्च 17 में समस्त तहसील मुख्यालय पर फायर सर्विस को स्थाई किए जाने का फरमान जारी किया था। जिसमें हो रहे क्षेत्रीय अग्नि कांड की घटना पर त्वारित काबू पाया जा सके।लेकिन अधिकारियों ने सरकार के आदेश को ठन्डे बस्ते में डालते हुए पुराना नियम ही लांगू रखा।और फायर सर्विस को स्थाई करने के लिए एक कदम भी आगे नही बढ़ाया।
पहले किए गये जगह चयन कोभी ठन्डे बस्ते में डाला
जबकि पहले रहे एसडीएम तरबगंज अमरेश मौर्या ने फायर सर्विस को स्थाई करने के लिए कदम बढ़ाया था।और उसके लिए तहसील क्षेत्र के दुरजनपुर गाँव में जगह चयन भी हो गयी थी।लेकिन उनके जाते ही सब पहले की तरह ही चलने लगा।किसी अधिकारी ने उस जगह पर ध्यान नही दिया।
अतिसंवेदनशील है तरबगंज तहसील
बताते चले की गोण्डा जिले की चार तहसील में केवल दो तहसील पर ही फायर सर्विस स्टेशन कार्य कर रहा है जो पूरे वर्ष उपलब्ध रहता है। ये तहसील है गोंडा सदर वा मनकापुर। बाकी दो तहसील करनैलगंज वा तरबगंज में फायर सर्विस की सुविधा सीजनल करके केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
जबकि आदेश ये है की जब तक फायर सर्विस के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। तब तक फायर सर्विस तरबगंज थाने में मौजूद रहेगी। इसकी व्यवस्था पुलिस अधीक्षक गोंडा को सौंपी गई थी। जिसमें तरबगंज तहसील अतिसंवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थान बताया गया था। जिसकी सीमा सरयू नदी को जोड़ते हुए फैजाबाद तक पहुँचती है।और पूरा माझा क्षेत्र तरबगंज तहसील से अटैच है।जहाँ फायर ब्रिगेड बराबर मुस्तैद होना चाहिए।
फिर भी तरबगंज क्षेत्र में अग्निशमन दस्ता केवल सिजनल लगाया जाता है। जबकि अग्निकांड पूरे वर्ष कितनों को बर्बाद वा बेघर कर देता है। इस बार भी सिजनल ब्यवस्था की गयी है।जो 1 अप्रैल से 30 जून तक ही फायर व्यवस्था की सुबिधा मिलेगी।
बडी गाड़ी की जगह छोटी गाड़ी खानापूर्ति के लिए लगाई गयी
।जो केवल औपचारिकता के तौर पर छोटी गाड़ी फायर कैंपर बोलेरो देकर प्रशासन द्वारा उल्लू बनाया गया है। जबकि क्षेत्र में अग्नि कांड की बड़ी-बड़ी घटनाएं को देखते हुए तरबगंज क्षेत्र को बड़ी गाड़ी के साथ मिनी टैंकर ढाई हजार लीटर की आवश्यकता है।जिसमें कुछ गांव में पानी की टंकी कुआं बोरिंग सिस्टम ना उपलब्ध होने के कारण जल जाते हैं।जबकि वाटर ब्राउज़र, वाटर टैंकर, मिनी टैंक 25000 लीटर तरबगंज क्षेत्र को अति आवश्यक है। जिससे अग्नि पीड़ित गांव को सुरक्षित बचाया जा सके।
थाने में ना रहकर प्रायमरी पाठशाला के एकल कक्ष की शोभा बढ़ा रहा है अग्निशमन दस्ता
अबैध रूप से प्रायमरी पाठशाला के एकल कक्ष को कब्जा किये है अग्निशमन दस्ते के लोग वा डायल 100की टीम।जिससे बच्चो की पढ़ाई बाधित हो रही है।जो तरबगंज थाने के सामने ही बना हुआ है।लेकिन किसी अधिकारी का ध्यान नही जारहा है।
राख बुझाने का काम कर रही है।फायर बिग्रेड की टीम
जब तक अग्निशमन दस्ता आता है। तब तक पूरा गांव जलकर राख हो जाता है।बचती है केवल राखी जो बुझाकर इतिश्री करलेती है टीम।जबकि योगी सरकार ने समस्त तहसीलों में आदेश कर चुके हैं। की हमेशा फायर सर्विस उपलब्ध कराया जाए। जहां करनैलगंज में वाटर टैंकर बड़ी गाड़ी लगाई गई है । वही तरबगंज में एक छोटी गाड़ी फायर भेज कर खानापूर्ति की गई है। जो क्षेत्र में शो पीस साबित हो रही है।
उक्त जानकारी देते हुए। फायर प्रभारी अनिल कुमार मिश्रा तरबगंज ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी गाड़ी व मिनी टैंकर ढाई हजार लीटर की आवश्यकता है। जिस से आग पर काबू पाया जा सके।


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