गोरखपुर: साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही। इसी क्रम में जिले में रविवार (15 अप्रैल) को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्नाव और कठुआ की घटनाओं के विरोध में पोस्टरवार शुरू किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से शहर के मुख्य मार्गों पर चिपकाए गए इन पोस्टरों में केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण एवं टेक्सटाइल मंत्री स्मृति ईरानी और योगी सरकार में मंत्री स्वाति सिंह को गुमशुदा दिखाया गया है।
जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने शास्त्री चौक पर इन पोस्टरों के साथ प्रदर्शन भी किया। इन पोस्टरों को दीवारों पर चिपकाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्नाव और कठुआ गैंगरेप के आरोपियों को फांसी देने की भी मांग की।
पीएम को चूड़ियां भेजने वाली आज मौन क्यों?
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केन्द्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस जिला महासचिव अनवर हुसैन का कहना है कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तो स्मृति ईरानी तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चूड़ियां भेजती थीं। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन भी करती रही हैं। लेकिन आज, जब उन्नाव और कठुआ में मासूम बच्चियों के साथ गैंगरेप की घटनाएं हो रही हैं, तो वो लापता हो गई हैं। वहीं, अपनी बच्ची पर टिप्पणी से आहत होने वाली स्वाति सिंह भी दूसरे की बच्ची के साथ घटना होने के बाद से लापता हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे इन दोनों मंत्रियों की गुमशुदगी रिपोर्ट भी दर्ज कराएंगे।
‘अब कहां है घर-आंगन की तुलसी’
इन पोस्टरों में सबसे ऊपर ‘गुमशुदा की तलाश’ लिखा है। वहीं, बाईं तरफ स्मृति ईरानी और दाहिनी ओर स्वाति सिंह की फोटो चस्पा है। बीच में ‘अब कहां है घर-आंगन की तुलसी’ और ‘अपनी बेटी-बेटी, दूसरे की बेटी पराई’ स्लोगन लिखा गया है। इसके नीचे ‘कैसे बचेगी बहन-बेटियों की लाज’, ‘महिला अधिकारों के लिए धरना-प्रदर्शन’, ‘रोड जाम करने वाली मंत्री जी अब ऐसा क्यों नहीं कर रही हैं’, ‘कहां हैं मंत्री जी आप, बहनों को इंसाफ कब दिलाएंगी’ लिखा गया है. इसके नीचे ‘पीड़ित बहनों के घर कब जाएंगी’ स्लोगन से बीजेपी को निशाने पर लिया गया है।
दोनों मंत्री जनता के बीच आएं
इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ता पूनम और मेनका ने कहा, ‘आज उन्नाव और कठुआ में बच्चियों के साथ गैंगरेप की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में केन्द्र और प्रदेश सरकार की दोनों मंत्रियों का कहीं कुछ पता नहीं है। बीजेपी की सरकार में बेटियों और बहनों की सुरक्षा की बात कही गई थी, लेकिन आज हकीकत सबके सामने है। कांग्रेस सरकार के दौरान आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने वाली घर-आंगन की तुलसी का आज कहीं पता नहीं। वे न तो पीड़ितों के घर जाकर उनका हाल ले रही हैं। उनकी मांग है कि दोनों मंत्री जनता के बीच आएं और पीड़ितों की आवाज उठाकर न्याय करें।’
गौरतलब है कि उन्नाव और कठुआ में हुई गैंगरेप की घटनाओं के बाद बीजेपी सरकार की किरकिरी हो रही है। वहीं कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों को भी सरकार को घेरने का मौका मिल गया है।


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