डॉ ओपी भारती
गोंडा:वजीरगंज क्षेत्र के बानेपुर निवासी मस्तराम को आवारा कुत्ते ने काट लिया था। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर रेबीज के इंजेक्शन भी लगवाए बावजूद इसके वे जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
परिजनों के अनुसार पीड़ित को 30 अप्रैल को आवारा कुत्ते ने काट लिया। 1मई को उन्होंने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अस्पताल का पर्चा बनवाते हुए रेबीज की बाक्सिं लगवाई।पर्चे में सिर्फ एक ही इंजेक्शन लिखा है। परिजन बताते है कि उन्होंने 3 इंजेक्शन लगवाए बावजूद इसके उन्हें रेबीज हो गया।अब पीड़ित जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। इस संबंध में अधीक्षक डॉ अमित कुमार ने बताया कि पागल कुत्ते के काटने से सिर्फ एंटी रेबीज की सुई लगवाना पर्याप्त नही है उसका और इलाज कराना पड़ता है। रोगी की जांच के बाद ही रेबीज के संक्रमण की पुष्टि हो सकेगी।


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