राजकुमार शर्मा
बहराइच, : सीमावर्ती जिला बहराईच के मेहीपुरवा में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के इंटेंसिव विकासखंड मिहीपुरवा में वित्तीय समावेशन एवं साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया गया।इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, शाखा मिहींपुरवा के शाखा प्रबंधक नन्द सिंह द्वारा 15 समूह की ऋण पासबुक वितरित किया गया । श्री सिंह ने कहा कि वित्तीय समावेशन अंतर्गत समूह का प्रथम क़िस्त 50,000 रुपये बैंक ऋण दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाजोत्थान में महिलाओं की भूमिका अहम है । समाज और बैंक द्वारा महिलाओं का उत्साहवर्धन आवश्यक है। शाखा प्रबंधक द्वारा बैंकों में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि समय से किस्त अदायगी करने पर समूह को ब्याज में 3% की छूट मिलेगी अर्थात 7 के बजाय 4% वार्षिक ब्याज दर से ऋण चुकाना होगा।राजेश कुमार, उपायुक्त स्वरोजगार ने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें गांव की गरीब महिलाओं को समूह एवं ग्राम संगठन से जोड़कर वित्तीय सहायता दी जा रही है। इन्हें स्व-प्रबंधित संस्था के रूप में विकसित किया जा रहा हैं।ब्लॉक में एंकर पर्सन, नंदकिशोर साह ने कहा की मिहीपुरवा शाखा में कुल 42 समूहों का बचत खाता खुला है। इसमें से 20 समूह को ₹15000 -15000 रिवॉल्विंग फंड एवं 18 समूह को सामुदायिक निवेश निधि, प्रत्येक को 110000 रूपय और 15 समूह को बैंक ऋण प्रत्येक को ₹50000-50000 दिया गया है।उन्होंने कहा कि फिनासियल इंक्लूजन से मतलब देश के उन करोड़ों लोगों को वित्तीय सेवाओं, बचत और निवेश की प्रक्रिया से जोड़ने से है, जो किसी कारण से अब भी बाहर है। बैंकिंग सेक्टर के रेगुलेशन के साथ साथ रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया भी फिनांसिअल इंक्लूजन की मुहिम चला रही है। आरबीआई का जोर कमजोर तबके और कम आमदनी वाले समूह को इसके दायरे में लाने पर है। धन का बेहतर प्रबंधन करके वर्तमान और भविष्य को वित्तीय मामलों में सुरक्षित करना ही वित्तीय साक्षरता है।मौके पर ए डी ओ आई एसबी, लक्ष्मण प्रसाद गौड़, सहायक प्रबन्धक शोभाराम वर्मा, मनराज मीणा, कार्यलय सहायक आशीष पटेल, निखिल कुमार चौधरी, प्रभा देवी, सुनीता देवी, रम्भा देवी, पी आर पी शिवबचन कुमार, अनुराग पटेल, राजकुमार सिंह सहित कई लोग उपस्थित हुए।



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