गोंडा ।मसकनवा कस्बे के पटखौली में चल रहे पांच दिवसीय गायत्री महायज्ञ एंव श्री मद् पावन प्रज्ञा पुराण कथा में दीपोत्सव महोत्सव से पूरा यज्ञ मंडफ जगमगा उठा।महिलाओं और युवतियों रोली, दीपिका, स्वीटी, राधा, कोमल ने थाल में दीपों को सजां कर कतारबद्ध तरीके से दीपोत्सव किया। जिससें पूरी यज्ञशाला दीपों की ज्योति से जगमगा उठी। व्यास पीठाधीश्वर पण्डित जवाहरलाल मिश्र शास्त्री ने दिव्य आरती करायी। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन सबसे आनंदमय जीवन है। पति पत्नी दोनों एक गाड़ी के दो पहिया है।
दोनों की जिम्मेदारियों से परिवार चलता है। पण्डित द्वारिका प्रसाद ने जीवन मूल्यों और दीपयज्ञ पर सुन्दर सुमधुर गीतों जो पाप ताप का कर्ता है,जो युग परिवर्तन कर्ता है। मां आदि शक्ति को साथ लिये जो बदल रहा है सृष्टि चाल, जय महा काल, जय महा काल, जय महा काल, से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।यज्ञचार्य रामानुज बिहारी लाल राकेश मिश्र दिनेश कुमार ने मुख्य यजमान दिवाकर पाण्डेय, दीपक, दीनानाथ पाण्डेय, जगन्नाथ ने दीपदान और हवन पूजन कराया। ज्ञान प्रकाश पांडेय, महेश मिश्र, अनंत शुक्ल,डॉ विजय बहादुर सिंह, विष्णु विवेक शुक्ला, रघुभूषण तिवारी, प्रदीप, पवन, आलोक पाण्डेय, शिव कुमार ओझा, राकेश ओझा, रवि शंकर त्रिपाठी, जगन्नाथ त्रिपाठी, शुभम मनीष सूर्य केश विश्व नाथ तिवारी, सहित अनेक लोग रहे।


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