अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर रेलवे स्टेशन पर गोदारा जा रहा है सीमेंट का कच्चा माल क्लिंकर
विरोध पर सड़कों पर उतरे स्थानीय लोग किया हटाने की मांग
बलरामपुर ।। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत समृद्ध भारत का नारा दे रहे हैं साथ ही ग्लोबल वार्मिंग को देखते हुए पर्यावरण को संतुलित रखने व पर्यावरण प्रदूषण से बचाने के तमाम उपाय भी किए जा रहे हैं । प्रदूषण से हो रही समस्याओं और बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए सरकार तथा एनजीटी द्वारा तमाम कड़े कानून भी बनाए गए हैं उसके बावजूद भी लोग तथा विभिन्न संस्थाएं यहां तक कि सरकारी विभाग लगातार प्रदूषण फैला कर लोगों को जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं । आज हम बात कर रहे हैं जनपद बलरामपुर जिला मुख्यालय के अति भीड़ भाड़ वाले इलाके में बने बलरामपुर रेलवे स्टेशन की जहां पर कई महीनों से सीमेंट बनाने का कच्चा माल क्लिंकर उतारा जा रहा है और क्लिंकर के उतारने से बड़े पैमाने पर पत्थर के बारीक कंण धूल के रूप में उड़ते हैं जो आसपास के क्षेत्रों में भयंकर तबाही मचा रहे हैं । आसपास का क्षेत्र हमेशा धुंध से घिरा रहता है ।
लोगों के घरों फ़सलों तथा पेड़ पौधों पर पत्थर के बारीक कण सफेद चादर के रूप में फैले हुए हैं । हवा में मौजूद पत्थर के कण लोगों के सांस में मिलकर फेफड़े को नुकसान पहुंचा रहे हैं वहीं खाद्य पदार्थों में भी इनकी मौजूदगी से तमाम तरह की बीमारियां शुरू हो चुके हैं । इन्हीं समस्याओं से तंग आकर आसपास के लोग कई बार जिला प्रशासन से लेकर रेलवे प्रशासन तक शिकायत कर चुके हैं परंतु कोई सुनवाई ना होने पर अब सड़कों पर उतरने लगे और सड़क पर आकर धरना प्रदर्शन कर तत्काल क्लिंकर अनलोडिंग कार्य बंद कराने की मांग कर रहे हैं । नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी के दिशा निर्देशों का भी रेल विभाग पालन नहीं कर रहा है । एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार रिहायशी इलाके में प्रदूषण फैलाने वाले पदार्थों की अनलोडिंग नहीं की जा सकती और यदि अनलोडिंग किया भी जाए तो उसके लिए पूरा एरिया कवर्ड करके यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए की प्रदूषित पदार्थ कबर्ड क्षेत्र से बाहर न निकलने पाए । इन नियमों को ताक पर रखकर रेल विभाग रिहायशी इलाके के बीच चारों तरफ से खुले हुए प्लेटफार्म पर क्लिंकर की अनलोडिंग करा रहा है ।
जानकारी के अनुसार बलरामपुर रेलवे स्टेशन शहर से सटा हुआ रिहायशी इलाके में बना है । इसके दो तरफ गांव है विद्यालय व मदरसा है तथा दो तरफ शहर व रिहायशी कालोनियां हैं । इतनी भीड़ भाड़ वाले इलाके में रातो दिन क्लिंकर रेल विभाग द्वारा बोगियों में भर कर लाया जाता है और पूरी तरह खुले हुए प्लेटफार्म पर बड़ी-बड़ी मशीनों के द्वारा उतारा जाता है । ट्रकों में भरकर सीमेंट का कच्चा माल नेपाल में स्थित कुछ सीमेंट कंपनियों को भेजा जाता है । इस पूरी प्रक्रिया में रेलवे विभाग को मोटी रकम भाड़े के रूप में मिलती है ठेकेदार को मोटा रकम मिलता है और इस कारोबार से जुड़े ट्रांसपोर्टर की भी अच्छी खासी कमाई होती है वहीं आसपास के हजारों लोग इसके धूल से लगातार बीमार होते जा रहे हैं । फसलें बर्बाद हो रही हैं कुछ उत्पादन नहीं हो पा रहा है । हरे भरे पेड़ भी सूखने लगे हैं और समस्या के निदान के लिए लगातार लोग मांग कर रहे हैं परंतु अभी तक कोई निदान नहीं हो पाया है । सरकारी लीपापोती से तंग आकर आसपास के गांव के लोग सड़कों पर उतर कर विरोध जता रहे हैं तथा क्लिंकर अनलोडिंग को यहां से हटाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने धरना प्रदर्शन किया और मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम अरुण कुमार को ज्ञापन सौंपा । एसडीएम अरुण कुमार गौड़ ने बताया कि क्लिंकर की अनलोडिंग यहां से बंद कराने के लिए कार्यवाही की जा रही है और शीघ्र ही बलरामपुर रेलवे स्टेशन पर अनलोडिंग बंद कराई जाएगी । उन्होंने यह भी कहा कि कि रेल विभाग को धारा 133 के अंतर्गत नोटिस दे दी गई है और अब धारा 138 की कार्यवाही की जाएगी । धरना प्रदर्शन स्थल पर तरुण कुमार वर्मा मंगल प्रसाद बैरिस्टर सिंह सुधांशु प्रताप सिंह विनोद सिंह वीरेंद्र बर्मा राकेश कुमार कमलापुरी मदरसा शिक्षक पूजा रामपाल विनोद कुमार पांडे संजय तिवारी वाह अशोक कुमार सहित कई सौ लोगों ने रेलवे प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की और क्लिंकर अनलोडिंग तत्काल बंद कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि अनलोडिंग शीघ्र बंद नहीं कराया गया तो आमरण अनशन धरना प्रदर्शन और उग्र रुप से चलाया जाएगा । इन लोगों ने जिला प्रशासन को भी आगाह किया कि यदि शीघ्र अनलोडिंग बंद कराने की कार्यवाही नहीं की गई तो चक्का जाम व उग्र धरना प्रदर्शन तथा भूख हड़ताल किया जाएगा जिसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा ।



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