शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस -के अवसर पर न्यायिक अधिकारी / सचिव श्रीमती मधु डोगरा- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में पर्यावरण जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन जिला चिकित्सालय सभागार में किया गया ।संगोष्ठी में लोगों को संबोधित करते हुए सचिव मधु डोगरा ने बताया कि प्राकृतिक संसाधनों के लुप्त होने एवं अंधाधुंध विदोहन के कारण प्राकृतिक पर्यावरण का विश्व स्तर पर व्यापक अवनयन हुआ है, जिसके कारण पर्यावरण की गुणवत्ता में अत्यधिक गिरावट आई है , यदि हमें वर्तमान समाज को विकसित करना है तो विकास कार्य पर्यावरण एवं मानव समुदाय के अस्तित्व की कीमत पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण को जीवन का आधार बताया और इसके संरक्षण के लिए उपस्थित आमजन से आह्वान किया ।उन्होंने कहा कि हम स्वयं ही अपने आसपास के वातावरण को शुद्ध व सुरक्षित रख कर तथा प्रकृति को बचाकर अपने जीवन को सुरक्षित रख पाएंगे ।कार्यक्रम में विनीत यादव सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट ने लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि पर्यावरण एक ऐसा आवरण है जो हमें चारों तरफ से घेरे हुए हैं इस आवरण के बिना धरती पर जीवन संभव नहीं है, जितनी भी चीजें हमारे पास हैं जीवित अजीवित चल अचल हवा पानी सभी मिलकर पर्यावरण को बनाते हैं, पर्यावरण का हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है , एक अच्छा पर्यावरण हर मनुष्य की चाहत होती है, शुद्ध पर्यावरण में ही मनुष्य का सही विकास हो सकता है , मनुष्य की गतिविधियों के कारण पर्यावरण धीरे -धीरे दूषित होता जा रहा है दूषित पर्यावरण मनुष्य के लिए हानिकारक है। इस अवसर पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एच सी एल द्विवेदी ने बताया कि पर्यावरण के बिना हमारा जीवन संभव नहीं है दूषित पर्यावरण हमारे स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है जिससे डायबिटीज हृदय की बीमारी , उच्च रक्तचाप, मोटापा, चिड़चिड़ापन , अवसाद आदि बीमारियों के चंगुल में मनुष्य आए दिन फंसता जा रहा है ।हमें पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए अत्यधिक पौध रोपण करना होगा। कार्यक्रम का संचालन पीएलवी राम प्रकाश पांडे ने एवं आभार पीएलवी निरंजन प्रकाश तिवारी ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर क्षेत्र के स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि , महिला समाख्या , मीडिया , स्वास्थ्य विभाग के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महेश सिंह , किरण गुप्ता , चंद्रचूड़ सिंह ,रीता श्रीवास्तव , आकाशदीप शुक्ला , आशुतोष द्विवेदी, उषा वर्मा, सूर्यमणि तिवारी, डॉ अरविंद सोनी , प्रभावती , अखिलेश आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।


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