डॉ ओपी भारती
गोन्डा :- अफसोस तू रुखसत हुआ माहे मुबारक अलविदा, रो-रो के दिल ने यूं कहा माहे मुबारक अलविदा। शुक्रवार को रमजान माह के आखिरी जुमे पर शहर के मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। अलविदा को लेकर सुबह से ही गांवों और घरों में चहल-पहल रही। नमाजी मस्जिदों में जाने की तैयारियों में मसरूफ रहे। अलविदा को लेकर मस्जिदों में आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ थी। प्रशासन की ओर से मस्जिदों के पास सुरक्षा के पुख्त इंतजाम किए गए थे। मस्जिद के पास पुलिस बल की तैनाती तो की गई थी। ऐ अल्लाह मेरे गुनाहों को माफ कर दे, कह छलके आंसू क्षेत्र के मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज कहीं एक बजे हुई तो कहीं डेढ़ बजे शुरू हुई। खतीब ने अलविदा की अहमियत और रमजान की फजीलत पर तकरीर की। नमाज के बाद अल्लाह के बारगाह में सबने दुआ की। कहा ऐ खुदा माह-ए-रमजान की इस बरकत से हमारे मुल्क को आबाद कर। हमारी मसाजिद और मदारिस की हिफाजत फरमा। हमारे मुल्क और कौम पर बदनिगाह दुश्मनों को नेस्तनाबूत कर दे। रोजा, नमाज, जकात, तरावीह, सदका-ए-फित्र को कुबूल फरमा। अपने प्यारे नबी के सदके में हम मुसलमानों को नेक और ईमान के रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमा। ऐ अल्लाह तू रहम वाला है, मेरी गुनाहों को माफ फरमा, आमीन कहते ही लोगों की आंखों से आंसू छलकने लगे। रहमत, बरकत और मगफिरत के अलावा मुल्क की तरक्की एवं अमन चैन के लिए भी दुआ हुई।


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