राजकुमार शर्मा
बहराईच:- कब तक भ्रस्ट कार्यदायी संस्थाएं अपनी अपनी मन मानी करते रहेंगे कब तक इनकी लूट खसोट का खेल होता रहेगा और यह मौके का फायदा लेते हुए माला माल होते रहेंगे ।जबकि ग्रामीण जनता इनका शिकार होती रहेगी। क्या सरकार के पास ऐसे कार्यदायी संस्थाओ पर नकेल कसने के कोई उपाय नही है । यदि है तो इनपर अब तक नकेल क्यो नही कसा गया। क्या कही ऐसा तो नही की सूबे की योगी व केंद्र की मोदी सरकार इन पर शिकंजा कसने में नाकाम है। क्योंकि फिलहाल बहराईच जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ ऐसा ही लगातार देखने को मिला है।किसकी लापरवाही कही जाय जिले की मुखिया य फिर उनके विभिन्न जिम्मेदार अधिकारियों की । क्योकि अब तक जो भी देखने को मिलता है वह नजरअंदाज नही किया जा सकता। आखिर अब तक ऐसे भ्रस्ट कार्यदायी संस्थाओ पर कार्यवाही क्यो नही की गई।क्यो इनमे लिप्त भ्रस्ट अधिकारी पर कार्यवाही नही हो रही। जबकि भास्कर टीम समय समय पर कुछ ऐसे संस्थाओ की करतूत का उजागर जरूर करता रहता है। बताते चले कि इससे पहले भास्कर ने प्राथमिक विद्यालय गंगापुर जैतापुर ब्लॉक नवाबगंज में पूर्व में निर्मित अतरिक्त कक्ष की बिल्डिंग की घटिया निर्माण व आगनबाड़ी केंद्र के घटिया निर्माण को लेकर प्रकाशित किया था जिसपर कक्ष निर्माण में अभी तक कोई कार्यवाही भी होती नही दिखी और अब आज आपको कुछ इसी तरह नया कार्यदायी संस्था की करतूत का बया करने जा रहे है।मालूम हो कि विकाश खण्ड नवाबगंज क्षेत्र अंतर्गत जहाँ एक तरफ प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा प्रणाली सुधारने का नाम नही ले रही वही इनके देख रेख व रख रखाव पर भी अनेको अनेक प्रश्न चिन्ह लगते दिख रहे है। प्राथमिक विद्यालयों में पिछले वर्ष 2015 -016 में वार्डर एरिया डेवलपमेंट योजनान्तर्गत कई ऐसे विद्यालय है जहाँ इस योजना के तहत एक कार्यदायी संस्था *यू०पी०सिडको बहराईच* द्वारा बाउंड्रीवाल का कार्य कराया गया। इस कार्य मे पीले ईटो, व मसले सहित अनेको किस्म की मानक की अनदेखी की गई। लिहाजा आज इसका परिणाम यह है कि सभी बाउंड्रीवॉल ढह चुके है कुछ स्थानों पर ढहने की कगार पर है ।जिससे जहा एक तरफ अध्यनरत बच्चे असुरक्षित है वही बच्चो के अभिभावको में भी रोस देखने को मिलता है। ज्ञात हो कि इस बाउंड्रीवॉल को निर्माण करने के लिए शासन ने इस कार्यदायी संस्था को प्रति विद्यालय बाउंड्रीवाल 5.03 लाख रुपए स्वीकृति किया था परंतु खेद की बात यह है कि संस्था ने इस धन का ढेकेदार व संबंधित अधिकारी ने मिली भगत कर आपस मे निर्माण के बजाय बंदरबाट कर लिया। वही बाउंड्रीवाल एक पर्दे की तरह खड़ा कर दिया जो अभी ढह चुकी है। जबकि ग्रामीणों ने इसकी कई बार खिलाफत भी की साथ ही इसकी शकायत भी अधिकारियों से किया फिरभी अब तक कोई कार्यवाही संबंधित ढेकेदार के खिलाफ होता नही दिखा ।जिससे बाउंड्रीवाल सही हो सके। गौरतलब हो कि रामपुर,गंगापुर प्राथमिक विद्यालय , लगायत दर्जनो ऐसे विद्यालय है जहाँ इस कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण कराया गया जो अभी ढह चुके है।
जब इस संबंध में खण्ड शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेने की कोसिस की गई तो साहब का सी ओ जी नंबर नही उठा। यही कारण है जब विकाश खण्ड के शिक्षा अधिकारी ही लापरवाही बरतने में पीछे नही हटते हो फिर शिक्षक व शिक्षा प्रणाली कब सुधरेगा यह सभी खुद ब खुद अपने आप मे समझा जा सकता है।
जबकी इस सम्बंध में बी एस ए बहराईच का कहना है मैं अभी यहाँ नया हूँ अभी तक संज्ञान में यह प्रकरण नही आया था भास्कर द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है जल्दी ही इसकी लिस्ट निकलवा कर डी एम महोदया के सहयोग से आवश्यक कार्यवाही की जाएगी


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