डॉ ओपी भारती
गोंडा :- अगर आप जिला अस्पताल में खून की जांच कराकर इलाज कराने जा रहे है तो सावधान हो जायें आपकी जान को खतरा हो सकता है। जी हां ऐ सच्चाई है क्षेत्र के जगदीशपुर कटरा निवासी दिव्यांशू तिवारी के साथ यही हुआ। वै जिला अस्पताल में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने गये थे। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में ब्लड सेंपल दिया। पैथोलॉजी की कर्मियों द्वारा रिपोर्ट अगले दिन देने को कहा गया। दूसरे दिन रिपोर्ट मिलने पर उनके पैर के नीचे से जमीन खिसक गई और वै अपना सर पकड़कर बैठ गये क्योंकि रिपोर्ट में टी0एल0सी0 लेबल काफी बढ़ा हुआ 48400 था। जो शरीर में गम्भीर बीमारी होने का संकेत है।
वह रिपोर्ट लेकर एक निजी चिकित्सक के पास जाकर रिपोर्ट दिखाया। चिकित्सक ने रिपोर्ट की गम्भीरता देखता हुए उसपर संदेह व्यक्त किया और निजी पैथोलॉजी में जांच कराने का सुझाव दिया। पीड़ित ने जिले के दो नामी पैथोलॉजी सेंटरों पर जांच करायी गयी तो रिपोर्ट नार्मल 8000 आयी। जिला अस्पताल के पैथोलॉजी के कर्मियों की लापरवाही द्वारा दी गई रिपोर्ट पर यदि इलाज शुरु किया जाता तो पीड़ित की स्वास्थ्य की दशा समझी जा सकती है। इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सन्तोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रिपोर्ट देखने के बाद में भी कुछ कहा जा सकता है। वैसे ये गम्भीर लापरवाही है। जांच की जायेगी।


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