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शराब की ओवर रेटिंग पर होगी कड़ी कार्यवाही - आबकारी मंत्री


अखिलेश्वर तिवारी 


बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर के लगभग सभी क्षेत्रों में संचालित हो रहे देसी शराब, अंग्रेजी शराब  तथा बियर की दुकानों पर धड़ल्ले से ओवर रेटिंग की जा रही है । जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं । इतना ही नहीं जिले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाने का गोरखधंधा फल फूल रहा है । 










दिखाने के लिए छिटपुट कार्यवाहियां भी की जाती हैं परंतु नतीजा संतोषजनक नहीं निकलता है । सूत्रों की माने तो सभी देसी शराब की दुकानों पर रात 8:00 बजे के बाद ओवर रेटिंग की जाती है । सुदूरवर्ती क्षेत्रों में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही देसी शराब की दुकानों पर परमानेंट ओवर रेटिंग खुलेआम चल रहा है ।











 इतना ही नहीं देशी शराब की बिक्री कर रहे हैं लोगों द्वारा शराब की बोतलों में से इंजेक्शन की सहायता से शराब निकालकर उसमें पानी मिलाने का भी गोरखधंधा किया जा रहा है । बीयर की दुकान पर ठंडा करने के नाम पर खुलेआम 10 से ₹20 अतिरिक्त लिए जा रहे हैं । इसी प्रकार अंग्रेजी शराब की दुकानों पर भी रात के समय में अधिक मूल्य पर बिक्री किया जा रहा है । 










बलरामपुर गोंडा की सीमा को बांटने वाली कुवानों नदी के दोनों तरफ बसे कई दर्जन गांव में देसी शराब की भट्ठियां धधक रही हैं और वहां पर खुलेआम देसी शराब बनाया तथा बेचा जा रहा है । इतना ही नहीं परंपरागत ढंग से महुवा से बनाए जाने वाले कच्ची देसी शराब की मात्रा तो कम है उसके स्थान पर अब डिस्टिलरी से निकासी हो रहे एथनाल तथा स्प्रिट चोरी-छुपे खरीद कर उसी से देशी शराब बनाने का गोरखधंधा फल-फूल रहा है और यही शराब कभी कभी जहर का भी काम करता है । इसे जान जाने का भी जोखिम बरकरार रहता है । 










आए दिन जहरीली शराब पीकर कई लोगों की मौत की खबर आती ही रहती है । इस पूरे गोरखधंधा की जानकारी कहीं ना कहीं विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों को भी है । क्षेत्रीय पुलिस भी इस गोरखधंधे से अनभिज्ञ नहीं है  । इसके बावजूद भी यह गोरखधंधा जिले में खूब फल फूल रहा है ।










 जिले में पहुंचे आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह से इस पूरे गोरखधंधे पर जब बात की गई तो उन्होंने स्वयं स्वीकार भी किया और कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है की चोरी छुपे खरीदे गए स्प्रिट तथा एथनाल से बनाए गए देसी शराब खतरनाक हो सकते हैं और यह बनाए भी जा रहे हैं । परंपरागत ढंग से महुआ से बनाए जाने वाली कच्ची शराब इतनी हानिकारक नहीं है जितनी की मिथाइल अल्कोहल द्वारा बनाई गई शराब है ।










 उन्होंने इस पर प्रभावी कदम उठाने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए हैं । ओवर रेटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में शराब की ओवर रेटिंग पर रोक लगाने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं और यदि इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो कड़ी कार्यवाही भी की जाएगी । फिलहाल उन्होंने वहां मौजूद आबकारी निरीक्षकों को ओवर रेटिंग तत्काल रोकने तथा अवैध शराब भट्टियों को नष्ट करने से संबंधित प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है । अब देखना है कि मंत्री जी के आदेश को आबकारी विभाग के जिम्मेदार अफसरान किस हद तक प्रभावी कर रहे हैं ।

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