रमेश कुमार मिश्र
गोण्डा।गोण्डा जिले में मोदी सरकार का स्वच्छता अभियान हुआ गायब।भष्टाचार के कारण शहर के चारो तरफ गन्दगी की भरमार सी आगयी है।कूड़े कचरे सड़को पर फैले हुए है।सडक किनारे बनी नालियाँ बजबजा रही है।कालोनी की सडके कीचड़ से सनी हुई है।
जहाँ लोगो का चलना दुस्वार हो गया है।बारिस के मौसम में छोटे छोटे बच्चो को घर से निकलना दूभर हो गया है।बारिस का गन्दा पानी कालोनी में बने बड़े बड़े घरो में घुस रहा है।जहाँ ना नगर पालिका का ध्यान जारहा है नाही किसी जिम्मेदार अधिकारी का।ये स्थिति है गोण्डा जिले की जहाँ सत्तापक्ष के सात विधायक व एक मंत्री है।फिर भी जिले के स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ती ही जारही है।
यही नही है यहाँ के अधिकारी/कर्मचारी अखबारो/न्यूज चैनलो में सुर्खियाँ बनना ज्यादा पसंद करते है।विकास में नही।जिले में बनी कालोनीयों के सारे कार्य हवा में किए जाते है धरातल पर नही।
गोण्डा की पहचान बनी है शहर की एक गन्दी कालोनी
गोण्डा शहर में बनी प्रज्ञापुरम कालोनी में गन्दगी का अंबार लगा हुआ है।सड़के गडढ़ो में तबदील हो गयी है।सड़क किनारे बनी नाली टूटी हुई है।जगह जगह कूड़े के ढ़ेर लगे हुए है।बारसात के इस मौसम में कीड़े मकोडो ने अपना साम्राज्य कायम कर लिया है।टूटी नालियाँ बजबजा रही है।सड़को पर चलना खतरे से खाली नही है।
कालोनी के चारो तरफ झाड़ियाँ उगी हुई है।जहाँ विषैले जीव जन्तुओ का खतरा हमेशा बना रहता है।और तो और बारिस का गन्दा पानी घरो में घुस रहा है।मच्छरो का जबदस्त प्रकोप फैला हुआ है।बच्चो की पढ़ाई बाधित होरही है।पीने के लिए शुद्ध पानी भी मयत्सर नही है।संक्रामक बिमारियों के फैलने की जबरदस्त आसंका बनी हुई है।या यू कहे की इस कालोनी के लोग नरक से भी बदतर जिन्दगी जी रहे है।और जिम्मेदार अधिकारी मुख मोड़े हुए है।
कालोनी निवासी रामकुमार सिंह ने बताया की कयी बार डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की जाचुकी है लेकिन इस कालोनी के तरफ आजतक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी झाकने तक नही आया है।जिससे लगता है की योगी सरकार के सारे आदेश हवा में उड़ते है धरातल पर नही।इसका कारण है की खुलेआम होरहा भष्टाचार।यही नही भष्टाचार की जड़े इतना मजबूत हो चुकी है की योगी/मोदी सरकार लाख जतन कर ले लेकिन खत्म करना मुनासिब नही है।


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