सुनील उपाध्याय
बस्ती । प्रसिद्ध गांधीवादी समाजसेवी, कला प्रसार समिति के उप सभापति पं. बंशीधर दूबे को उनके 7 वें पुण्य तिथि पर याद किया गया। कलेक्टेªट परिसर में मंगलवार को समिति के सदस्यों के साथ ही अनेक साहित्यकारों, समाजसेवियों ने उनके योगदान को रेंखाकित किया।
प्रसिद्ध कवि डा. रामकृष्ण लाल जगमग ने कहा कि बंशीधर दूबे के प्रयास से गांधी कला भवन में सब्जी बिकना बंद हुआ, यहां सांस्कृतिक, सामाजिक गतिविधियों को बल मिला किन्तु सरकार के हाथ में जाते ही आज गांधी कला भवन अपने दुर्भाग्य पर आंसू बहा रहा है। इससे निश्चित रूप से उनकी आत्मा आहत होगी।
कला प्रसार समिति के संयुक्त सचिव हरिस्वरूप दूबे ने कहा कि उनके पिता जी का सपना था कि गांधी कला भवन वैचारिक केेन्द्र बने, इस दिशा मंे ठोस प्रयास हुये, उनकी प्रतिमा भी गांधी कला भवन के परिसर में स्थापित कराया गया किन्तु विडम्बना ही है कि पं. बंशीधर दूबे को याद करने के लिये भी गांधी कला भवन उपलब्ध नहीं हो सका। उनका प्रयास होगा कि शीघ्र ही गांधी कला भवन की पुरानी प्रतिष्ठा वापस लौटे।
पं. बंशीधर दूबे को पुण्य तिथि पर श्रद्धांसुमन अर्पित करने वालों में श्रीमती विन्देश्वरी दूबे, सत्येन्द्रनाथ मतवाला, श्याम प्रकाश शर्मा, वीरेन्द्र पाण्डेय, गुड्डन पाण्डेय, अमरनाथ शुक्ल, हरीश दरवेश, साईमन फारूकी, जगदीश प्रसाद पाण्डेय, दीनानाथ यादव, जगदीश प्रसाद, सागर गोरखपुरी, हरिश्चन्द्र शुक्ल, डा. वाहिद अली सिद्दीकी, जय प्रकाश गोस्वामी, शिवकुमार, सूर्यकान्त, विजय पाण्डेय, राजेश तिवारी, सन्तोष बरनवाल, पदमेश दूबे, कीर्ति प्रकाश आदि शामिल रहे।


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