अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। केंद्र की मोदी सरकार तथा प्रदेश की योगी सरकार द्वारा किसानों के हित में कार्य न किए जाने के कारण भारतीय किसान यूनियन भानु गुट में आज सदर तहसील गेट पर धरना प्रदर्शन कर सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया ।
किसान नेताओं ने सरकार को आगाह भी किया कि यदि वह किसानों की समस्याओं पर विचार शीघ्र नहीं करते और किसान आयोग का गठन नहीं किया जाता तो आने वाले चुनाव 2019 में वे सभी भाजपा का विरोध करेंगे । यूनियन ने गाजियाबाद दिल्ली बॉर्डर पर किसानों पर की गई बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज की कड़ी शब्दों में निंदा की और दोषियों पर कार्यवाही की मांग की ।
सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष शशी भूषण शुक्ला क्रांति ने किसानों की मांगों को शीघ्र पूरा करने की बात कही ।उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया की केंद्र में मोदी सरकार को किसानों ने ही बनाया था ।
इस उम्मीद के साथ बनाया था कि मोदी सरकार बनने के बाद किसानों की माली हालत सही हो जाएगी । किसान आयोग का गठन हो जाएगा और किसान अपनी समस्याएं सीधे कह सकेंगे परंतु अन्य सरकारों की तरह ही मोदी सरकार भी किसान विरोधी साबित हो रही है । उन्होंने कहा यदि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए तथा हमारी मांगों पर तत्काल विचार नहीं करती तो आने वाले चुनाव में उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा । देश का किसान मोदी सरकार के विरोध में मतदान करेगा ।
उन्होंने कहा कि ईवीएम हैंग हो ना हो किसान हैक हो चुका है । सभा को जिला अध्यक्ष युवा रामचंद्र यादव उपाध्यक्ष आबिद अली, पृथ्वीपाल यादव, राम तीरथ यादव, राजकुमार यादव, रामसेवक कनौजिया, राजकुमार सोनकर, उमा शंकर गिरी, अभरण प्रसाद वर्मा, जगरानी गौतम, प्रभा गिरी सहित तमाम वक्ताओं ने संबोधित किया । प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिला व पुरुष किसान यूनियन के कार्यकर्ता मौजूद थे ।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद उप जिला अधिकारी अरुण कुमार गौड़ ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन भानु गुट द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया गया है जिसे वह आवश्यक कार्यवाही के लिए राष्ट्रपति भवन भेज देंगे । ज्ञापन में जो मांग उठाई गई है उनमें गाजियाबाद की कार्यवाही में घायल किसानों को मुआवजा तथा दोषी पुलिसकर्मियों व अधिकारियों को बर्खास्त करने , 60 वर्ष पूरा कर चुके किसानों को ₹5000 मासिक पेंशन देने , आवारा पशुओं से किसानों को मुक्ति दिलाने हेतु जनपद वार गौशालाओं का निर्माण करने, गन्ना मूल्य का भुगतान तत्काल कराने तथा गन्ना मूल्य कम से कम ₹600 प्रति कुंतल किए जाने, कृषि कार्य के लिए बिजली पूरी तरह मुफ्त किए जाने, किसानों को कृषि कार्य के लिए दस लाख तक का कर्ज बगैर ब्याज के उपलब्ध कराने, किसान आयोग का गठन करने, किसानों की आकस्मिक मृत्यु पर परिजनों को 50 लाख रुपए की सहायता देने तथा राजधानी मुख्यालय जाने के लिए किसानों को परिवहन निगम व ट्रेनों की निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान किए जाने की मांग शामिल है ।




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