शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ ! जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया शिविर में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव ने कहा कि मानसिक रोग, दैवीय प्रकोप, भूत- प्रेत, जादू- टोना से नहीं होता, यह अन्य लोगों की तरह ही एक रोग है और साध्य हैं।
इसके इलाज के लिए झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए, विशेषज्ञ चिकित्सक की राय लेना चाहिए ।उन्होंने कहा कि हर वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है , लोगों को जागरूक करने के लिए जिला अस्पताल में भी मानसिक स्वास्थ्य कक्ष का उद्घाटन किया जा रहा है ।इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव न्यायिक अधिकारी श्रीमती मधु डोगरा ने कहा कि विश्व में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के संबंध में जागरूकता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य के सहयोगात्मक प्रयासों को संगठित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है ।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ ने विश्व के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए सन 1992 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की स्थापना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है , कुंठा धीरे धीरे अवसाद ग्रस्त बना देती है, जो आगे बढ़कर भयानक रूप ले लेता है , उन्होंने कहा कि घर में बच्चों से घर के लोगों को चाहिए कि वह मित्रवत व्यवहार रखें ताकि वह अपने मन की बात अपने अभिभावकों को बता सकें।
जिससे उन्हें डिप्रेशन में जाने से बचाया जा सके ।इस अवसर पर सचिव श्रीमती मधु डोगरा ने मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 1987 एवं इंडियन लुनेसी एक्ट 1912 व मानसिक स्वास्थ्य एवं देखभाल अधिनियम 2017 के संबंध में लोगों को विस्तार से जागरूक किया। उन्होंने बताया कि सभी मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का पर्यवेक्षण एवं पंजीकरण कराने एवं मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सा का रजिस्टर तैयार करने एवं प्रवर्तन अधिकारियों एवं मानसिक चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने संबंधी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया की मानसिक रोगी को भी संविधान में अन्य लोगों की तरह मौलिक अधिकार प्राप्त है। मानसिक रोगी को अलग नहीं रखना चाहिए वह भी समाज की मुख्यधारा के अंग हैं अधिनियम के अनुसार यह व्यवस्था की गई है कि जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण बोर्ड का गठन किया जाए ।इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एके श्रीवास्तव ने मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यक्ति में छोटी-छोटी बातों को लेकर के कुंठा मन में आ जाती है जिसके कारण तरह तरह की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए जिला अस्पताल में जिरियाट्रिक वार्ड की स्थापना की गई है , जिसमें मनोचिकित्सक सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ।इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का स्वागत किया। कार्यक्रम मे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक , डॉ एम पी शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए ।
इस मौके पर मानसिक रोगी संबंधी प्रमाण पत्र मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती मधु डोगरा द्वारा प्रदान किया गया ।इस अवसर पर जिला चिकित्सालय में स्थापित नवनिर्मित जिरियाट्रिक वार्ड का लोकार्पण मुख्य विकास अधिकारी एवं सचिव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया ।इस मौके पर जिला चिकित्सालय के चिकित्सक गण कर्मचारी गण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से विश्वनाथ त्रिपाठी एडवोकेट जेल विजिटर एवं पीएलवी राम प्रकाश पांडे सहित लोगों ने सहभागिता किया।


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