शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ । बाबा लोक कल्याण संस्थान बाबा परमहंस धाम अठेहा के प्रांगण में विदुषी संत समागम व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें दूरदराज से आए तमाम साधु संतों ने अखंड भजन कीर्तन किया और सत्संग । बाबा संत दास ओझा ने कहा कि संतो के संगत में आने से जीवन मूल्य का पता चलता है जीवन मूल पता चलने से ही आदमी अपने सत मार्गों पर चल पाता है ईश्वर हर व्यक्ति के दिल में बसा है उसे जागृत करने की आवश्यकता है
मानव सेवा ही परम धर्म है इसे मंचित से यदि करता है तो वह ईश्वर के करीब होता है गरीब कि मदद व सेवा करना ही पुनीत है समाज में कुरीतियां फैली हुई है उसे दूर करना हर व्यक्ति का कर्तव्य जब तक कुरीतियां नहीं दूर होंगे तब तक समाज का विकास होना संभव नहीं है इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सामने आना होगा धर्म वह है जो आपस में सामंजस्य बनाए रखें आज युवा पीढ़ी धर्म से दूर होता जा रहा है और परिवार से भी नाता तोड़ता जा रहा है ।यही कारण है कि हर व्यक्ति कमजोर है ,उन्होंने परिवार की संरचना पर भी जोर दिया कहा कि पहले एक परिवार में दर्जनों लोग होते थे ।एक दूसरे का सम्मान प्यार देते थे ,परंतु अब ऐसा नहीं है ।
इसी के कारण परिवार में विघटन बढा है । समाज का मुख्य बिंदु परिवार है परिवार को सजा के रखना चाहिए। ताकि समाज सुदृढ हो सके। उसके बाद यहां प्रांगण में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया उसके बाद संतों का विदाई समारोह भी किया गया कार्यक्रम में अहम भूमिका अध्यक्ष ममता देवी ,सचिव वीरेंद्र ओझा टाइगर रवि राजा ,महेंद्र ओझा, शैलेंद्र मिश्र कल्लू सिंह, समेत सैकड़ों लोगों ने अपनी अहम भूमिका निभाई ।


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