अखिलेश्वर तिवारी/भानू प्रकाश तिवारी
बलरामपुर ।। जिला मुख्यालय के मोहल्ला पूरब टोला में चल रहे भागवत कथा में अयोध्या से आए संत सर्वेश जी महाराज न सिर्फ वेद पुराण कथा सहित प्राचाीन भारतीय संस्कृति का प्रचार कर रहे है अपितु वह समाज में फैली कुरीतियों से लोगों को जागरूक भी कर रहे है। भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ उन्होने लोगो को बेटी के महत्व के बारे में भी बताया। उन्हाने कहा कि किसी भी परिवार में मुसीबत के समय में बेटें काम आए या न आए बेटियां जरूर काम आती है। उन्होने कहा की बेटेे केवल एक कुल को रोशन करते है वहीं बेटियां दो कुलों को रोशन करती है ।
श्रीमद् भागवत कथा में बोलते हुए संत सर्वेश जी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के जन्म के साथ ही पूरा वातावरण नंद के आन्नद भयों जय कन्हेैया लाल की.............जयकारों से गंूज उठा। कथा में मौजूद श्रद्धालुओं ने नाच कर गा कर व झूम कर भगवान श्री कृष्ण का स्वागत किया । संत श्री सर्वेश जी महाराज ने कहा कि जिस प्रकार कंस का वध करने के लिए श्री हरि नारायण ने श्रीकृष्ण के रूप में धरती पर जन्म लिया उसी तरह दुष्टों के संघार के लिए वह हर युग में किसी न किसी रूप में अवतरित हुए है। उन्होने लोगोे को बताया कि श्रद्धा भाव से ईश्वर की आराधना करने से प्रभु प्रसन्न होते है तथा मनवांछित फल प्रदान करते है।
कथा में आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जसि कर है तो तस फल चाखा, अथार्त मनुष्य के जीवन में कर्म ही प्रधान है जो जैसा कर्म करता है उसे वैसा ही फल मिलता है। भागवत कथा के साथ साथ सर्वेश जी महाराज समाज में फैली कुरीतियो ंको दूर करने के लिए लोगो को जागरूक भी कर रहे है।
उन्होने बेटि बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नशा उनमूलन, पर्यावरण सुरक्षा, जल संचय, यातायात नियमों सहित अन्य बहु उपयोगी समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया और लोगों को कुरीतियों से दूर रहने के लिए अपील भी की।



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