जबरन रास्ता बंद करने से 18 माह से ठप्प है दो दर्जन परिवारों का आवागमन
सुरेश कुमार तिवारी
मोतीगंज, गोण्डा। सदर तहसील क्षेत्र के एक गांव में करीब 18 महीने पूर्व एक रास्ते को ग्राम प्रधान द्वारा बंद कर दिया गया, जिससे लगभग दो दर्जन घरों के परिवारों का आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया। इसकी तहसील दिवस से लेकर, डीएम व एसडीएम से करीब दो दर्जन बार लिखित शिकायत की गई, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा।
इस प्रकरण में सबसे खास बात यह है कि सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने भी डीएम व एसडीएम को चिट्ठी लिखकर रास्ता खोलवाने की बात कही, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया। आज फिर गांव के दर्जनों लोगों ने तहसील दिवस में विधायक और एसडीएम से मिलकर रास्ता खुलवाने की मांग की।
मामला सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत डड़वा दसौतिया के खुटेहना गांव का है। बताया जाता है कि यहां प्रधान दिलीप मिश्र के घर के सामने से रास्ता था, जिस पर वर्ष 2005-06 में तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा खड़ंजा लगवाया गया था। आरोप है कि करीब 18 माह पूर्व उक्त ईंट के खड़ंजे को मौजूदा ग्राम प्रधान ने उजाड़ दिया और रास्ते को पूरी तरह अवरूद्ध कर दिया। इससे करीब दो दर्जन घरों के परिवारों का आवागमन ठप्प हो गया है। ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत तहसील दिवस से लेकर डीएम और एसडीएम तक से की गई।
गत् माह सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में मौजूद जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांंशु ने सदर विधायक की पहल पर इस प्रकरण में तत्काल आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके पहले तथा बाद में भी करीब दो दर्जन बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन नतीजा शून्य ही है। गौरतलब है कि इस प्रकरण में सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह व्यक्तिगत रूचि ले रहे हैं। वे रास्ता खुलवाने के सम्बंध में डीएम व एसडीएम को तीन बार चिट्ठी भी लिख चुके हैं लेकिन उसे भी गंभीरता से नहीं लिया गया। इसका नतीजा यह है कि 18 माह से ग्राम प्रधान की दबंगई और प्रशासन की घोर लापरवाही के चलते दो दर्जन घरों के लोगों का आवागमन बंद है।
मंगलवार को तहसील दिवस में मौजूद सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह व एसडीएम एस.एन.त्रिपाठी के सामने खुटेहना गांव के दर्जनों लोग पेश हुए और लिखित शिकायती पत्र देकर बंद रास्ते को जनहित के मद्देनजर खुलवाने की मांग की। सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि विगत् 18 महीने से दिए जा रहे प्रार्थना पत्रों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसका परिणाम यह है कि 15 से 20 परिवारों के लोगों का रास्ता अभी तक बंद है।
इस मामले में सदर विधायक द्वारा तीन बार पत्र भी पत्र भी लिखा जा चुका है और तहसील दिवस में भी दो बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बावजूद आज तक इस विकराल समस्या का समाधान नहीं किया जा सका। लोग खेत की मेढ़ों से आने जाने को विवश हैं, जिस पर भी भूमिधरों से मारपीट की नौबत आ चुकी है। शिकायती पत्र में सच्चिदानंद मिश्रा, दीपचन्द मिश्रा, पवन कुमार मिश्रा, राज कुमार मिश्रा, अमृतलाल मिश्रा, देव प्रभाकर मिश्रा आदि के हस्ताक्षर हैं।
इस मामले में सदर विधायक द्वारा तीन बार पत्र भी पत्र भी लिखा जा चुका है और तहसील दिवस में भी दो बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बावजूद आज तक इस विकराल समस्या का समाधान नहीं किया जा सका। लोग खेत की मेढ़ों से आने जाने को विवश हैं, जिस पर भी भूमिधरों से मारपीट की नौबत आ चुकी है। शिकायती पत्र में सच्चिदानंद मिश्रा, दीपचन्द मिश्रा, पवन कुमार मिश्रा, राज कुमार मिश्रा, अमृतलाल मिश्रा, देव प्रभाकर मिश्रा आदि के हस्ताक्षर हैं।



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