अखिलेश्वर तिवारी/वेद प्रकाश मिश्र
राज्य अल्पसंख्यक आयोग के 3 सदस्य टीम के जांच में घोटाला हुआ उजागर
बलरामपुर ।।जनपद बलरामपुर के विभिन्न सरकारी योजनाओंविशेषकर निर्माण एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर किए जाने की शिकायतें लगातार मिलरही थी । अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्नयोजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण कई जिलाअल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर जांच की कार्यवाही भी चलरही है ।
ताजा मामले में जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी परअल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा विकासखंड सदर केअल्पसंख्यक बाहुल्य ग्राम कटरा शंकर नगर में बनवाए जाने वालेराजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण वर्ष 2013 सेचल रहा है । 3 करोड़ 65 लाख का भुगतान भी आईटीआई केनाम पर नोडल एजेंसी द्वारा प्राप्त किया जा चुका है परंतु अभीतक ना तो आईटीआई का निर्माण पूरा हुआ और जो निर्माण हुआभी है उसकी स्थिति बद से बदतर है ।निश्चित रूप से उसमें करोड़ोंके घोटाले किए गए हैं इस बात का खुलासा राज्य अल्पसंख्यकआयोग के 3 सदस्य टीम ने आज प्रेस वार्ता के दौरान किया ।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्यकुंवर सैयद इकबाल हैदर ने बताया कि आयोग के 3 सदस्य टीमद्वारा कटरा शंकर नगर स्थित निर्माणाधीन आईटीआई केनिरीक्षण में काफी खामियां देखने को मिली है । प्रथम दृष्टयादेखने में लगता है की तीन करोड़ 65 लाख के प्रोजेक्ट में एककरोड़ से कम ही निर्माण में लगाया गया है । जो बिल्डिंग बनाईगई है वह जर्जर स्थिति में अभी से हैं जिसके जांच के लिएएडीएम की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय टीम बनाकर जांच के आदेशदिए गए हैं । जांच टीम एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंप देगी जिसकेबाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी । निर्माण में भ्रष्टाचार बड़ेपैमाने पर किया गया है ।
इसमें कोई शक नहीं कि जिले मेंसंचालित मदरसों में बड़े पैमाने पर हेरा फेरी की जा रही है ।सदस्यों द्वारा कई मदरसों का भी निरीक्षण किया गया वहां भीस्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई जिसके लिए हिदायत दी गई हैसाथ ही जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को व्यवस्था मेंसुधार कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है । तीन सदस्यीय टीम मेंकुंवर सैयद इकबाल हैदर के अलावा रूमाना सिद्दीकी तथासरदार परविंदर सिंह शामिल थे । आयोग के सदस्यों ने बलरामपुर तथा उतरौला के कई मदरसों का भी औचक निरीक्षण किया । सभी जगह खामियां पाई गई ।
स्वच्छता को लेकर कोई भी मदरसा संवेदनशील नहीं दिखा । सभी मदरसों में गंदगी की भरमार पाई गई जिसके लिए स्पष्ट शब्दों में हिदायत दे दी गई है । मदरसों में प्रयोग किए जाने वाले अभिलेखों को उर्दू के साथ साथ हिंदी में भी लिखे जाने का निर्देश आयोग के सदस्यों द्वारा दिया गया है । स्टाफ रजिस्टर, उपस्थिति पंजिका तथा आय ब्यय रजिस्टर सहित विभिन्न अभिलेखों को उर्दू के साथ साथ हिंदी में भी लिखे जाने का निर्देश दिया गया है ताकि कोई भी विजिट करने वाला व्यक्ति अभिलेखों की पड़ताल कर सके । उन्होंने स्वीकार किया कि मदरसों में बड़े पैमाने पर घोटाले किए जा रहे हैं जिसके लिए एक एक करके जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी ।
विकासखंड बलरामपुर के अल्पसंख्यक बाहुल्य ग्राम कटरा शंकर नगर में चल रहे मदरसे पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कटरा शंकर नगर के मदरसे की स्थिति काफी दयनीय है जिसके लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को रिसीवर के रूप में कार्य करने तथा जिले के सभी मदरसों की व्यवस्था सुधारने के लिए निर्देश दिए गए हैं । उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले मदरसा संचालकों के विरुद्ध शासन के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जरूरी हुआ तो मदरसे की मान्यता भी समाप्त की जाएगी । उन्होंने मदरसा संचालकों को सचेत किया की सरकार के नियमों के अनुसार ही मदरसे का संचालन कराएं ।
मदरसों में मिड डे मील नहीं बनाए जा रहे हैं जिसे तत्काल शुरू किया जाए । सरकार की मंशा है कि मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए साथ ही सभी सरकारी स्कूलों की तरह मदरसों में भी स्कूल ड्रेस, दोपहर का भोजन, वजीफा, किताब व बैग सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराएं । प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों की तरह ही मदरसों को भी धन उपलब्ध करा रही है ।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ