अयोध्या ब्यूरो।सप्लाई विभाग की उदासीनता के चलते रुदौली सप्लाई आफिस में विभाग की मिली भगत से राशन कार्ड में पात्रों के नाम काटने और रुपए लेकर जोड़ने का काम किया जा रहा है। बुधवार को द्वारिका प्रसाद ने पूर्व में दिए नाम को जोड़ने की जानकारी करने आफिस पहुंचे तो वहां पर मौजूद प्राईवेट कम्प्यूटर आरेटर राम जन्म यादव ने जानकारी देने से इंकार करते हुए कहा कि हमें नहीं मालूम जाओ जब अधिवक्ता ने नाम जोड़ने कागज देने की बात की।
न बताने पर दोनों में नोकझोक होने लगी। मामले की जानकारी अधिवक्ता ने बार एसोसिएशन संघ के महामंत्री रमेश चंद्र शुक्ल को दी। मौके पर पहुंचे महामंत्री ने जब राम जन्म यादव से बात करना चाहा तो वह रौंब गालिब होने लगा और दोनो के बीच मारपीट शुरु हो गई। आरोप है कि सप्लाई कर्मियों ने अधिवक्ता को घसीट कर कमरे में बंद कर धुनाई कर दी।
उधर साथी को बचाने पहुंचे वकीलों से भी मारपीट पर उतर आए।हंगामा बढ़ता देख मौके पर पहुंचे कोतवाल व पुलिस ने मोर्चा संभाला। अपने आप को फसता देख सप्लाई आफिस वालों ने आफिस में रखे अभिलेख को बाहर निकाल कर फेकने लगे।इस बात की पुष्टि अधिवक्ता रमेश चन्द्र शुक्ला ने की। और बताया कि यहां पर अभिलेखों से छेड़छाड़, मारपीट व छिनैती का केस दर्ज करने के लिए विभाग कर्मियों ने ऐसा किया।मारपीट में अधिवक्ता के सर्ट की सारी बटन टूट गई। और काफी चोट भी लगी है। मामला प्राईवेट आपरेटर से कहा सुनी हुई थी।
मौके पर पहंचकर सीओ अमर सिंह व कोतवाल विश्वनाथ यादव ने मामले को लेकर घंटो मस्कत के बाद दोनों में आपस में सुलह हो गई।इस बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में पूर्ति निरीक्षक सुमित यादव ने अनभिगयता जाहिर करते हुए कहा कि मै सुबह से आफिस में है।जब प्राईवेट आपरेटर लगाने के विषय में जानकारी चाहा तो सुमित यादव ने कहा कि यह सब संविदा पर है यहां पर कोई प्राईवेट आपरेटर नहीं है हमारे आफिस में कोई बवाल नहीं हुआ है।
जबकि सीआे अमर सिंह ने बताया कि मामला राशन कार्ड फीडिंग को लेकर विवाद पनपा था। लेकिन दोनों पक्षों को समझाने के बाद दोनों पक्षों ने आपस में सुलह समझौता कर लिया है।


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