शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। जनपद के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के सराय नरायन सिंह गांव मे दलित युवक का शव प्रशासन के लगभग पांच घण्टे तक मान मनौवल के बाद किसी तरह गुरूवार को दोपहर बाद गांव मे ही दफन हो सका। गांव के रामफल कोरी के पुत्र राजेश (35) को जमीनी विवाद मे सोमवार को विपक्षियो ने पेट्रोल छिडककर जला दिया था। मंगलवार को प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी मेडिकल कालेज मे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
बुधवार की देर रात पीएम के बाद मृतक का शव गांव पहुंचा। गुरूवार की सुबह परिजन विवादित जमीन पर शव दफन करने की जिद पर अड गये। इसे लेकर कोतवाली पुलिस के हाथ पांव फूल उठे। कोतवाल मृत्युंजय मिश्र की सूचना पर एसडीएम दिनेश मिश्र तथा सीओ ओमप्रकाश द्विवेदी गांव पहुंचे और परिजनो को शव विवादित जमीन से इतर दफन करने का मानमनौवल करने लगे। एसडीएम व सीओ ने परिजनो को जब परिवार के एक सदस्य को शस्त्र लाइसेंस तथा पांच लाख कृषक दुर्घटना बीमा व तीस हजार सामाजिक सहायता एवं विवादित जमीन को कुर्क किये जाने का आश्वासन दिये तो दोपहर बाद परिजन मृतक के शव को गांव सभा की जमीन मे दफन करने को तैयार हुये। एहतियात के तौर पर एसडीएम व सीओ के साथ तहसीलदार अनिल कुमार एवं कोतवाल लालगंज व संग्रामगढ़ एसओ दीपक कुमार के साथ भारी पुलिस भी मुस्तैद दिखी।
मृतक का शव जब दफन के लिये घर से उठाया गया तो उसकी पत्नी संगीता तथा पिता रामफल बिलख उठे। वहीं मृतक की दो मासूम बच्चियो को मां के विलाप को देख जैसे कुछ समझ मे ही न आ रहा हो। बतादें राजेश हत्याकांड मे पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर चार आरोपियो को हिरासत मे लेकर जेल भेज दिया है। वहीं अभी भी मृतक के दोनो भाईयो अर्जुन व अनूप का अभी भी इलाज जारी है। दोपहर बाद मृतक का अंतिम संस्कार हो जाने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।


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