राजनीति के शिकार हुए राजेश पाण्डेय, शिकायत पर हुई छुट्टी
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक ने कई दरोगाओं को इधर से उधर कर दिया है। इनमें हाल ही में कहोबा चौकी प्रभारी बनाए गए राजेश कुमार पांडेय को महज दस दिन के भीतर हटा दिया गया है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। शाहपुर चौकी इंचार्ज लाल साहब सिंह को कहोबा की बागडोर सौंपी गयी है।
पुलिस अधीक्षक राकेश प्रकाश सिंह ने 19 दिसंबर को करीब दर्जनभर दरोगाओं का तबादला किया था, जिनमें ज्यादातर चौकियों के प्रभारी थे। इसी क्रम में मोतीगंज थाने की कहोबा चौकी के प्रभारी रामचंद्र गौतम को लाइन हाजिर करते हुए कोतवाली देहात की खोरहंसा चौकी के इंचार्ज राजेश कुमार पाण्डेय को कहोबा पर तैनाती दी गई थी। बीती रात हुए फेरबदल में राजेश पाण्डेय को महज दस दिन में ही हटा दिया गया।
अब परसपुर थाना क्षेत्र की शाहपुर चौकी के प्रभारी लाल साहब सिंह को कहोबा चौकी का इंचार्ज बनाया गया है। महज दस दिन में ही पाण्डेय को कहोबा से हटाने के पीछे के निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं। हालांकि उनका यूं अचानक हटाया जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। सूत्र इसकी वजह बजाज चीनी मिल कुंदुरखी में हुआ बवाल भी मान रहे हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि वे राजनीति के शिकार हुए हैं। कहा जाता है कि गांवों में चल रही सियासत के वे शिकार हुए हैं। बताते हैं कि 20 दिसंबर को राजेश पांडेय कहोबा चौकी क्षेत्र के एक छुटभैया नेता की लग्ज़री कार से चार्ज लेने आए थे। इसके बाद दूसरा गुट एसआई के विरोध में मुखर हो गया और अन्ततोगत्वा उनकी चौकी से छुट्टी कराने के बाद ही शांत हुआ।
इसके साथ ही मॉनीटरिंग सेल प्रभारी जयदीप दूबे को पुलिस लाइन, उपनिरीक्षक मानेंद्र सिंह को कोतवाली नगर से चौकी प्रभारी शाहपुर, उपनिरीक्षक योगेश सिंह को नवाबगंज से कोतवाली नगर, उपनिरीक्षक अनेन्द्र यादव को थाना परसपुर से उपनिरीक्षक यातायात तथा उपनिरीक्षक संतोष कुमार तिवारी को पुलिस लाइन से प्रभारी मॉनीटरिंग सेल बनाया गया है।


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