रमेश कुमार मिश्र
गोण्डा।तरबगंज तहसीलक्षेत्र में छुटटा जानवर की बाढ़ सी आगयी है।जिसको रोक पाना आसान नही है।एक पकड़ो दश आते है दश पकड़ो बीस आते है।जिससे धरती के भगवान कहे जाने वाले अन्नदाता किसान तबाह हो रहे है।किसी तरह मेहनत करके खेत की बुआई करते है।और रात दिन एक करके खेत की रखवाली करते है।
अगर कही भी एक दिन के लिए चूके तो समझो सारी फसल साफ हो गयी।क्योकि इधर से देखो तो उधर से घुस आते है ऊधर जावो तो इधर से घुस आते है।इतनी मेहनत करनी पड़ रही है किसानो को अनाज पैदा करने के लिए फिर भी सरकार के तरफ से कोई पहल नही की जारही है छुटटा जानवरो को रोकने के लिए।जो बड़े किसान है वो तो किसी तरह खेत के चारो तरफ कंटीले तार लगाकर रखवाली करते है।और जो बेचारे गरीब किसान है उनके पास खेत बोने के टाईम पर पैसा ही नही रहता तो खेत को कैसे सुरक्षित कर पायेगे।ये है किसानो की हकीकत सरकार कहती है हम पैदावार का दूना मुनाफा देगे।जब अनाज पैदा होगा तब देगे की विना अनाज के ही दूना मुनाफा देगे ये बात समझ में नही आरही है।
बताते चले की तरबगंज तहसीक्षेत्र के तरबगंज ब्लाक क्षेत्र के सभी ग्राम सभाओ में छुटटा जानवर का आंतक जबरदस्त फैला हुआ है।जो किसी भी खेत की सफाई एक घन्टे में कर देते है।और किसान बेचारा सिर पे हाथ रखकर बैठ जाता है।जिसके पास पैसा होता है वो अपने खेत के चारो तरफ कंटीले तार लगवा कर रखवाली करते है जो बेचारे गरीब व परेशान है वो 24घन्टे खेतो में ही रहते है जिससे बोई हुई फसल सुरक्षित रह सके।
इन्ही किसानो की बदोलत पूरे देश के लोग खाते है लेकिन सरकार इन धरती के भगवान कहे जाने वाले अन्नदाता/किसान के तरफ ध्यान नही देती है।और अपने में मस्त रहती है।अगर इसी तरह से रहा तो आने वाले समय में किसान खुदकुशी करना शुरू कर देगे।जो नेता विधायक/सांसद बनते है उनको किसान की तरफ ध्यान केवल चुनाव के वक्त ही आता है और लम्बे चौड़े भाषण देकर जनता को खुलेआम बेकूफ बनाते है।बाद में सारे वादे भाषण भूल जाते है।ये है सरकार चलाने वाले जनप्रतिनिधि जो झूठ बोलकर वोट लेते है फिर पाँच वर्षो तक क्षेत्र में दिखाई नही पड़ते है।जनता अपनी समस्या किससे कहे।


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