शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। जेल में दहेज उत्पीड़न के मामले में बंद महिला बंदी की बीमारी से मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। जानकारी के अनुसार नगर कोतवाली इलाके के चिलबिला निवासी मनोज की पत्नी कंचन देवी 1997 में संदिग्ध दशा में जलकर मर गई थी।
कंचन के पिता जयराम निवासी फुरसतगंज रायबरेली ने नगर कोतवाली में मनोज व उसकी माँ शांति देवी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के दस दिन बाद मनोज व शांति को पुलिस ने जेल भेजा था। आठ माह बाद दोनों को जमानत मिली थी। हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद 10 वर्ष की सजा पर मनोज जेल गया।
2017 अक्टूबर में शांति देवी जेल गई। फरवरी 2018 में सजा पूरी कर मनोज रिहा हुआ। जेल में बंद शांति देवी लगभग 33 माह से जेल में बंद थी। दिमागी बीमारी से माह भर पहले शान्ति देवी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर उसे फिर जेल भेजा गया। सोमवार देर रात जेल में हालत गम्भीर देख उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। घटना से शांति देवी के बेटे मनोज व लवकुश सदमे मे हैं।


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