अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर के विभिन्न मदरसों में आधुनिक शिक्षा देने के लिए तैनात किए गए शिक्षकों को पिछले 3 वर्षों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है । 3 वर्ष से मानदेय न मिलने से शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं । शिक्षकों का आरोप है कि प्रदेश व केंद्र सरकार के बीच की कार्यवाही पूरी नहीं हो पा रही है ।
कारण चाहे जो भी हो उन्हें तो जीवन यापन के लिए भुगतान चाहिए । खाने के लिए अनाज व तन ढकने के लिए कपड़े तथा बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए रुपयों की आवश्यकता है दिन भर मदरसों में शिक्षण कार्य करते हैं और बदले में भुगतान भी नहीं मिलता तो फिर जीवन यापन कैसे होगा ? शासन की रवैया से आहत होकर आज जिले के मदरसा शिक्षकों ने क्रमिक भूख हड़ताल की शुरुआत की है । शिक्षकों का कहना है मदरसों में आधुनिक शिक्षा की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय पंडित अटल बिहारी बाजपेई द्वारा शुरू की गई थी और आज उन्हीं की कर्मस्थली बलरामपुर से इस जंग का ऐलान भी किया जा रहा है ।
जब तक मानदेय का भुगतान नहीं होगा भूख हड़ताल समाप्त नहीं किया जाएगा । आधुनिकीकरण मदरसा शिक्षक नेता सलीम ने कहा की नौकरी मिलने के बाद भी हम भुखमरी के कगार पर हैं जो चिंतनीय विषय है । 3 वर्षों से हमें मानदेय नहीं मिला और हमें अपने घर पर मां बाप से पैसे मांगने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि आज से भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं और 3 दिन बाद अन्न जल त्याग कर भूख हड़ताल शुरू किया जाएगा । अब हम बगैर मानदेय लिए धरना प्रदर्शन व हड़ताल समाप्त करने वाले नहीं हैं ।
जरूरत पड़ी तो हम अपने आप को पेट्रोल डालकर जला देंगे परंतु मानदेय लिए बगैर घर वापस नहीं जाएंगे । कृष्णा करुणेश ने कहा की मदरसा शिक्षकों की समस्याएं शासन स्तर पर लंबित है इसका निर्णय सरकार को करना है इनकी मांगों को शासन तक पहुंचा दिया गया है । धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मदरसा शिक्षक मौजूद रहे ।मदरसा शिक्षकों ने जुलूस निकालकर जिला मुख्यालय के सभी कार्यालयों तथा सामाजिक प्रतिष्ठानों पर जाकर के लोगों को गुलाब का फूल देकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और उनसे समर्थन की मांग की ।


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