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गोंडा :उच्च प्राथमिक विद्यालय में कोर्ट के आदेश से विद्यालय में पुनः कार्यभार ग्रहण करने गयी शिक्षका का कार्यभार शिक्षको के राजनीती के भेट चढ़ गया अन्तता उच्चाधिकारियों को मामले में दखल देकर शिक्षका को तत्काल उक्त विद्यालय से अन्यंत हटाया गया |
मामला मनकापुर शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय अशरफपुर से जुड़ा है जहाँ तैनात प्रधानाचार्या चन्द्रावती मिश्रा बीते वर्ष २६ अप्रैल को अशरफपुर में गोंडा सांसद द्वारा लगायी गयी चौपाल में मिली शिकायतों के आधार पर निलंबित कर दिया था |
मामले में प्रधानाध्यापिका ने कोर्ट की शरण लेकर अपनी तैनाती को बहाल करने का आदेश प्राप्त कर लिया जिसके उपरांत गुरुवार को शिक्षका ने विद्यालय पहुच कर औपचारिकता उपरांत बच्चो को पढ़ाया |
और शुक्रवार को एकाएक छात्र लामबंद होकर प्रधानाध्यापिका का विरोध करते हुए प्रधानाध्यापिका से पढने से मना कर दिए मामले की सूचना पाकर बीएसए ने सामंजस्य पूर्वक प्रधानाध्यापिका को कही अलग तैनात करने का हवाला देते हुए बच्चो को शांत करा दिया |
छात्रो के आन्दोलन ने खड़े किये सवाल
प्रधानाध्यापिका द्वारा गुरुवार को विद्यालय में उपस्थिति दर्ज करा कर पढ़ाया गया तब बच्चो को कोई एतराज नहीं हुवा लेकिन दूसरे दिन उन्ही बच्चो ने सुबह से हो हल्ला शुरू कर दिया और प्रधानाध्यापिका के तैनाती के खिलाफ लामबंद होकर पढ़ने से मना कर दिया जिसमे किसी के शाजिश की बू आ रही है |
वर्चस्व को लेकर हो रहा विवाद
सूत्रों की माने तो वर्चस्व को लेकर ग्राम प्रधानप्रतिनिधि व प्रधानाध्यापिका में ३६ का आकंड़ा था यही नही सांसद के चौपाल में ग्राम प्रधानप्रतिनिधि ने शिकायत की थी और अब कोर्ट के आदेश पर पुनः उसी विद्यालय में प्रधानाध्यापिका को बहाल किया जाना प्रधानप्रतिनिधि के शिकश्त को मात थी ऐसे में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा अपने गाँव के बच्चो का इस्तेमाल किया गया है |
क्या कहते है अधिकारी
खंड शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश ने बताया कि प्रधानाध्यापिका को उनके स्वेच्क्षा से अन्य विद्यालय में तैनात किया जाएगा


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