अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। भारत सरकार की पहल पर 10 फरवरी से जिले में फाइलेरिया बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए बूथ दिवस आयोजित किया जाएगा । बूथ दिवस के दौरान लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी । यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर घनश्याम सिंह ने बताया कि बूथ दिवस की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है ।
लगभग 21 लाख की आबादी वाले क्षेत्र में दवा खिलाने के लिए 850 बूथ लगाया जाएगा जिसके लिए जनपद की 1700 आशाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है जो बूथ पर लोगों को दवा खिलाएगी । वही कार्यक्रम की अगली श्रृंखला में लगातार 4 दिन तक आशा घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएगी । दवा खाने के बाद यदि कोई समस्या आती है तो उसके निस्तरण के लिए रैपिड एक्शन टीम मौजूद रहेगी । सीएमओ ने जन समुदाय से अपील की है कि फाइलेरिया की दवा अवश्य खाएं क्योंकि पोलियो की तरह इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए दवा खाना बहुत जरूरी है ।
उन्होंने इस बीमारी के बारे में बताया की फाइलेरिया मच्छर जनित रोग है, जो एक विशेष प्रकार के मच्छर क्यूलेक्स फेटिगन्स के काटने से होता है । इसके काटने के 15 दिन बाद बुखार आना तथा कुछ समय बाद शरीर के किसी भी अंग में धीरे धीरे सूजन हो जाता है । हाथी-पांव (फीलपांव), पैरों में, अंडकोश में, हाथ में और स्तन में स्थायी सूजन का होना फाइलेरिया का लक्षण है । गंभीर रूप से इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के पांव में सूजन आती है जिससे वह चलने फिरने में असमर्थ हो जाता है । इस बीमारी से बचाव बहुत जरूरी है ।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर एके पाण्डेय ने बताया कि जिले में फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम आगामी 10 फरवरी से चलाया जायेगा । 2 वर्ष से कम के बच्चे, गर्भवती महिला व अत्यधिक बीमार व्यक्ति को छोड़कर जिले की कुल आबादी के 85 प्रतिशत लोगों को डीईसी व अल्बेन्डाजाॅल की दवा खिलायी जायेगी ।
उन्होने बताया कि खाली पेट ये दवा नहीं खानी चाहिए । उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. कमाल अशरफ ने बताया कि माइक्रो फाइलेरिया को समाप्त करने के लिए डीईसी दवा खिलायी जाती है जो अलग-अलग आयुवर्ग के हिसाब से निर्धारित है । 10 फरवरी से 14 फरवरी तक टीमें घर घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलायेगी ।


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