सुनील उपाध्याय
बस्ती जिलाधिकारी डा.राजशेखर से वार्ता के बाद भारतीय किसान यूनियन ने विकास भवन पर चल रहे अनिश्चित कालीन धरने को 19 फरवरी तक के लिये स्थगित कर दिया है। डीएम सेे भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल ने किसान समस्याओं से सम्बंधित 13 बिन्दुओं पर विस्तार से वार्ता किया।
भाकियू प्रतिनिधि मण्डल में शामिल डा. आर.पी. चौधरी, जयराम चौधरी, रामचन्दर सिंह, हरिराम चौधरी, अभिलाष श्रीवास्तव, शिवमूरत चौधरी ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, जिला गन्ना अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी से विन्दुवार सवाल कर समस्याओं के निस्तारण का आग्रह किया। प्रशासन की ओर से 19 फरवरी तक समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया गया है।
भाकियू जिलाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी ने बताया कि डीएम ने वाल्टरगंज, रूधौली चीनी मिलों पर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान कराने की दिशा में पहल का आश्वासन दिया। रूधौली चीनी मिल ने 12 फरवरी को 10 करोड रूपये का गन्ना मूल्य भुगतान दिया। व्याज समेत गन्ना मूल्य भुगतान दिलाये जाने के सम्बन्ध में डीएम ने प्रतिनिधि मण्डल से कहा कि वे 18 फरवरी को चीनी मिल अधिकारियों, किसान प्रतिनिधियों से वार्ता कर निष्कर्ष निकालने का प्रयास करेंगे।
डीएम ने भाकियू प्रतिनिधि मण्डल को आश्वासन दिया कि किसानों के फसलों का बीमा रकबे के आधार पर नहीं सर्वे के आधार पर फसलवार हो इसके लिये बैंक अधिकारियों से 19 फरवरी को वार्ता कर निष्कर्ष निकाला जायेगा। छुट्टा पशुओं के सवाल पर डीएम ने कहा कि इस सम्बन्ध में शासन को पत्र भेजा जायेगा। खाद की दर के सम्बन्ध में जिला कृषि अधिकारी वार्ता कर समस्या का हल निकालेंगे। गन्ने के पर्ची उपलब्धता के सम्बन्ध में जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों को एक भी गन्ना पर्ची नहीं मिल सका है उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराया जायेगा।
विकास भवन स्थित धरना स्थल पर भाकियू पदाधिकारियों, किसानों, श्रमिकों से सहमति के बाद निर्णय लिया गया कि यदि जिला प्रशासन ने 19 फरवरी तक समस्याओं का बिन्दुवार निस्तारण न कराया तो भाकियू पुनः आन्दोलन छेड़ने को बाध्य होगी। धरना स्थल पर दीवान चन्द पटेल, फूलचन्द, त्रिवेनी चौधरी, हरि प्रसाद, श्याम नरायन सिंह, राम कृष्ण, घनश्याम चौधरी, हृदयराम वर्मा, सत्यराम, राम नरेश, रामतीरथ निषाद, चन्द्रभान, दीनानाथ, द्वारिकानाथ पाण्डेय, शिवशंकर पाण्डेय के साथ ही भाकियू के अनेक पदाधिकारी, किसान, श्रमिक उपस्थित रहे।


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