भौतिकी विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार सम्पन्न
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। भारतीय इन्जीनियरों व डाक्टरों ने न केवल अपने देश में, बल्कि विदेशों में भी अप्रतिम योगदान दिया है। ऐसा कोई विकसित देश नहीं, जहां हमारे वैज्ञानिकों ने अपना झण्डा न गाड़ा हो। यह बात लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज के भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में पूर्व सांसद व प्रदेश भाजपा अनुशासन समिति के चेयरमैन सत्यदेव सिंह ने उदघाटन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने भौतिकी छात्र-छात्राओं का आवाहन करते हुए कहा कि इसी क्रम को उन्हें भी आगे बढ़ाने के लिए अभी से कड़ी मेहनत करनी होगी। पूर्व सांसद श्री सिंह ने कहा कि शिक्षा हमें आत्मविश्वास की प्रेरणा देती है। इसी के चलते आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है, जहां भारत अपनी पहचान नहीं बनाता है। यह गर्व का विषय है कि आज भारत तेजी से बढ़ने वाली दुनिया की छठी अर्थव्यवस्था है। विशिष्ठ अतिथि डाॅ. ओंकार पाठक ने इस मौके पर कहा कि ईश्वर के बाद विज्ञान ही है जो असम्भव कार्य को भी सम्भव बनाता है। खासतौर से भौतिक विज्ञान कठिन कार्यों को आसान बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कार्य वैज्ञानिकों के कठिन परिश्रम से ही सम्भव होता है।
महाविद्यालय के प्रबन्ध समिति के सचिव उमेश शाह ने भौतिक विज्ञान के छात्र-छात्राओं को उत्साहित करते हुए कहा कि देश के सामने आज अनेक चुनौतियां हैं, जिन से निपटने के लिए वे कठिन परिश्रम व लगन के साथ शिक्षा ग्रहण कर अपना व देश का उत्थान करें।
भौतिकी विज्ञान के विभागाध्यक्ष व कॉलेज के मुख्य नियन्ता डाॅ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक हमें सतत् सभ्यता की ओर अग्रसर करते हैं। यही नहीं, औद्योगिकीकरण, रक्षा व विकास के क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने अत्यन्त कारगर भूमिका निभाई है। आज जलवायु परिवर्तन तथा मौसम सम्बन्धी अग्रिम जानकारी देने व भविष्यवाणी करने हमारे उपग्रह अत्यन्त महती भूमिका निभा रहे हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. हरि प्रकाश श्रीवास्तव ने इस अवसर पर विज्ञान के महत्व को दर्शाते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेमिनार में परास्नातक के दो दर्जन छात्र-छात्राओं ने अपने लघु शोध पत्र प्रस्तुत किए। इस मौके पर पूर्व प्राचार्य डाॅ. डीके गुप्त, डाॅ. श्रीमती वन्दना सारस्वत, डाॅ. अतुल कुमार सिंह, शिक्षक संघ के अध्यक्ष डाॅ. शैलेन्द्र नाथ मिश्र, मन्त्री डाॅ. मंशा राम वर्मा, डाॅ. संजय पाण्डेय, डाॅ. शरद चन्द्र मिश्र, डाॅ. मुकुल सिन्हा, डाॅ. श्रवण कुमार श्रीवास्तव, डाॅ. मनोज कुमार मिश्र, डाॅ. लोहंस कुमार कल्याणी, डाॅ. अरुण प्रताप सिंह, डाॅ. देव नरायण पाण्डेय, डाॅ. अनूप शुक्ल, शोभित मौर्या, दीपक सिंह, एसके गुप्त, सीमा सिंह, नम्रता शुक्ला, विष्णु प्रसाद, राम बचन, शैलेन्द्र सिंह व शंकर दयाल समेत सभी शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। सेमिनार का संचालन अपर्णा श्रीवास्तव व गौरव ने संयुक्त रुप से किया।



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