अखिलेश्वर तिवारी/राजेश दुबे
बलरामपुर रेहरा बाजार ।। पानी की संसाधनों की कमी के कारणो को देखते हुये उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुदानित बोरिंग करवाने की योजना लागू की । इस योजना के तहत यदि किसान 0.2 हैकटेयर जोत कर रहा है तो वह अनुदानित बोरिंग पाने के पात्र माने जाएंगे।
सरकार की यह मंशा थी कि अनुदानित बोरिंग से किसानों की पानी की समस्या समाप्त हो जाएगी तथा उनके फसल उत्पादन मे बढोत्तरी होगी । शासन की मंशा है कि किसान सबजी उत्पादन कर आत्म निर्भर बनेगा लेकिन आला अधिकारियों के द्वारा प्रयाप्त प्रचार प्रसार ना कर पाने के कारण से किसान सरकार की इन महत्वकाक्षी योजनाओं का लाभ नही ले पा रहे है जिससे दिनों दिन उनकी फसलो का उत्पादन घटता जा रहा है।
किसान बजरंगी पुत्र प्रेमनाथ, रामफल पुत्र चुन्नीलाल, दुलारे पुत्र लोचन, राधेश्याम पुत्र चिल्लहू, रामजस पुत्र चुन्नीलाल निवासी अचलपुर खास ने बताया कि बोरिंग ना होने के कारण फसलो की समय से सिंचाई न कर पाने के कारण बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । बजरंगी पुत्र प्रेमनाथ ने बताया कि गांव के पास लगभग 13 बीघा कृषि योग्य जमीन है लेकिन बोरिंग ना होने के कारण फसल उत्पादन खासा प्रभावित हो रहा है।
जे ई एम आई रेहरा संदीप कुमार ने बताया पिछले साल मे सामान्य जाति के लोगों के लिये 33 तथा अनुसूचित जाति मे 31अनुदानित बोरिंगों का टारगेट था जिसमे 23 सामान्य और 21अनुसूचित जाति की बोरिंग का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है । जे ई एम आई ने बताया कि अकसर ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रमो मे किसानों को अनुदानित बोरिंग की जानकारी दी जा रही है।


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